नौतपा में अंधड़ के कारण बिजली लाइन पर गिरे पेड़, दुरुस्त करने में जुटा अमला, नहीं भरी टंकी, पानी की आपूर्ति प्रभावित
सीधी। शहर की पेयजल सप्लाई बिजली के कारण नहीं हो पा रही है। रविवार को अंधड़ के कारण 11 हजार केवी लाइन के चार विद्युत पोल टूट गए थे। इसके कारण विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सोमवार को रात करीब 10 बजे तक सुधार कार्य जारी रहा। पुराने इंटकवेल की विद्युत आपूर्ति रात 11 बजे बहाल हो पाई, लेकिन नवीन इंटकवेल की विद्युत मंगलवार दोपहर तक बहाल नहीं हो पाई थी। ऐसे में आधे शहर की पानी आपूर्ति बाधित रही। विद्युत कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि अंधड़ के कारण विद्युत पोल व केबिल लाइन जगह-जगह डैमेज हो गई है। इससे बार-बार फाल्ट की समस्या आ रही है। फाल्ट ढूंढ़ने में काफी समय लग जाता है। अधिकारियों के अनुसार जब तक फाल्ट पूरी तरह से सुधर नहीं जाएंगे, समस्या बनी रहेगी। दरअसल, शनिवार को बिजली की समस्या के कारण आधे शहर में पानी नहीं पहुंचा था। रविवार को पुरानी एवं नवीन जल प्रदाय योजना से पेयजल आपूर्ति हुई, लेकिन सोमवार और मंगलवार को फिर दोनों प्रमुख जल प्रदाय योजनाओं से पेयजल की सप्लाई नहीं हो पाई। केवल गोरियरा बांध से संचालित होने वाली जल प्रदाय योजना से ही पानी की सप्लाई जारी रही। इससे शहर के कुछ ही मोहल्लों में पानी पहुंचा। भीषण गर्मी के मौसम में पानी के लिए शहरवासी भटकते रहे।
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शहर में तीन जलप्रदाय योजना से पानी सप्लाई
सीधी शहर में तीन नल जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। नवीन जल प्रदाय योजना, पुरानी जल प्रदाय योजना तथा गोरियरा बांध की जल प्रदाय योजना शामिल है। नवीन एवं पुरानी जल प्रदाय योजना सोन नदी के पानी संचालित होती है। इसके लिए जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर कुर्रवाह गांव में इंटकवेल बनाया गया है। वहां 100 एचपी के मोटर पंप के माध्यम से पानी ग्राम मधुरी स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में पहुंचाया जाता है। वहां शहर के नवीन जल प्रदाय योजना के तीन वाटर हेड व पुरानी जल प्रदाय योजना के एक वाटर हेड में पानी पहुंचाया जाता है। उसी से आधे शहर में पानी की सप्लाई होती है।
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अंधड़ के कारण बाधित हो रही आपूर्ति
नौतपा के दौरान प्रत्येक दिन मौसम खराब हो रहा है। अंधड़ के साथ बूंदाबांदी हो रही है। अंधड़ से पेड़ टूट रहे हैं। इससे विद्युत पोल व केबिल लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है और इंटकवेल का मोटर पंप नहीं चल पाता। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो वाटर हेड भरने के लिए कम से कम 18 घंटे की निर्बाध बिजली चाहिए। यदि बीच में दो-चार घंटे भी बिजली बाधित हुई तो वाटर हेड में पानी नहीं भर पाता। इससे अगले दिन शहर में पेयजल सप्लाई नहीं हो पाती।
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सीमित संख्या में हैं टैंकर
नगर पालिका परिषद में तीन नल जल योजनाएं संचालित होने के कारण टैंकरों की संख्या भी काफी कम है। नल जल योजना प्रभारी के अनुसार नगर पालिका में तीन टैंकर उपलब्ध हैं, जिसमें दो ट्रैक्टर में व एक बड़ा टैंकर शामिल है। इनसे नियमित रूप से शहर के मोहल्लों में पानी की सप्लाई की जाती है। जब कभी किसी कारणवश नल जल योजनाएं ठप पड़ जाती हैं तो इन्हीं टैंकरों पर जल प्रदाय का भार आ जाता है, लेकिन तीन टैंकरों के भरोसे शहर के 24 वार्डों में पानी पहुंचाया जाना काफी मुश्किल हो जाता है।
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आमने-सामनेकुर्रवाह गांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने से दोनों योजनाओं के इंटकवेल का मोटर पंप नहीं चल पाया है। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित रही। रविवार को शाम 4 बजे से बिजली बंद हुई तो सोमवार को दोपहर 1 बजे आई। इसके बाद रात करीब 11 बजे पुराने इंटकवेल की बिजली बहाल हो पाई, जिससे पानी नहीं भर पाया। लगातार ट्रिप होने से मोटर पंप नहीं चल पा रहा है। नवीन इंटकवेल की बिजली अभी भी बंद है।
शीलध्वज सिंह, प्रभारी नल जल योजना नपा सीधी
बीते कुछ दिनों से इतनी तेज आंधी आ रही कि बिजली लाइन पर पेड़ गिर रहे हैं। इससे विद्युत पोल व केबिल लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। लाइन में सुधार में वक्त लग जाता है। फिर भी हमारा प्रयास रहता है कि जितना जल्दी हो सके, लाइन में सुधार हो जाए। नल जल योजना के कारण कुर्रवाह गांव प्राथमिकता में रहता है।मृृगेंद्र सिंह, कार्यपालन यंत्री एमपीइबी सीधी