
SP ka power kya hota hai, power of ips officer in hindi
सतना। नवागत पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने सोमवार को प्रभार संभालने के बाद कहा कि वे सतना को अपना 110% देने की कोशिश करेंगे। एएसपी गौतम सोलंकी से चार्ज लेने के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। इसके बाद अधिकारियों की बैठक लेकर जिले की कानून व्यवस्था का हाल जाना। मीडिया से बातचीत में कहा, कि वे डरकर काम नहीं करते।
जो घटना सामने आती है उस आधार पर कार्रवाई करते हैं, चेहरा नहीं देखते। पुलिस को जिस अंदाज में काम करना चाहिए वो करे। सतना विशेष परिस्थिति में आया हूं। जनता में अपराधी व अपराध का भय नहीं होना चाहिए। पुलिस की जवाबदारी है कि एक वातावरण बनाए। जनता के जान माल की सुरक्षा का भरोसा दिलाना होता है। वातावरण बदलने में थोड़ा समय लगेगा।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर से आइपीएस तक का सफर
नवागत एसपी रियाज इकबाल ने बताया कि उन्होंने आइटी में इंजीनियरिंग के बाद पांच साल सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में काम किया। 2011 में आइपीएस बने, फिर तीन साल भोपाल में ही सीएसपी, एडिशनल एसपी रहे। ग्वालियर में दूसरी बटालियन का कमांडेंट बनाया गया। इसके बाद करीब 20 महीने पन्ना एसपी रहे। फिर सिंगरौली में आठ महीने रहे। विधानसभा चुनाव में वहीं रहे। वहां से बतौर मुरैना एसपी गए। इसके बाद भोपाल में पुलिस मुख्यालय में बतौर सायबर सेल का एआइजी पोस्टिंग हुई। इस बीच चुनाव आयोग के निर्देश पर उन्हें सतना एसपी बनाकर भेजा गया।
मैं मतलब पूरा फोर्स
एसपी इकबाल ने कहा, उन्हें अपने कैरेक्टर पर पूरा भरोसा है। मेहनत भी करना है, जिसे 100 फीसदी देने की कोशिश करता हूं और सतना को 110 प्रतिशत देने की कोशिश है। पुलिस की टीम सतना में अच्छी है। हम मिलकर माहौल को बदल लेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक दिन में डकैत पैदा नहीं होता। कोई व्यक्ति पहले चोरी, लूट करता है फिर गैंग बनाकर डकैत बन जाता है। पुलिस का काम होता है कि वह पहले स्टेज पर ही ध्यान दे। लेकिन पुलिस बड़े अपराध और अपराधियों में उलझ जाती है। अपराधी जेल भी जाता है तो वहां भी संदेश पहुंचता है कि पुलिस किस तरह काम कर रही है। इसलिए हर थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी को बेसिक पुलिसिंग में ध्यान देने की जरूरत है। एसपी ने कहा कि बदमाशी, अभद्र व्यवहार नहीं सहूंगा।
बैठक की शुरुआत में परिचय
नवागत पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने जिले के कानून व्यवस्था की कमान संभालने के साथ ही सोमवार शाम पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। पुलिस कंट्रोल रूम में थाना प्रभारी और राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की बैठक की शुरुआत परिचय से हुई। सभी का परिचय होने के बाद एसपी ने पुलिस अधिकारियों से दो टूक कहा, जो मुझे नहीं जानते वे जान लें। सभी थाना प्रभारी, उनके टूआइसी और अनुविभागीय अधिकारी एक्टिव रहकर काम करें। चोर, लुटेरों पर अंकुश लगाएं और गुण्डे, बदमाशों को जेल भेजें।
गलत नहीं करने के निर्देश
जेल कैसे भेजना है यह थाना प्रभारी खुद जानें। जुआ और सट्टा पर उनका सख्त रुख रहा। एसपी ने कहा कि अगर किसी इलाके में इसकी शिकायत मिली तो संबंधित थाना प्रभारी के साथ सरहदी थाना प्रभारी भी जिम्मेदार माना जाएगा। काम में पारदर्शिता रखने और किसी से साथ गलत नहीं करने के निर्देश दिए। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने और कराने के लिए कहा गया है। गंभीर लंबित मामलों के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के भी निर्देश दिए हैं।
चार थाना प्रभारी नहीं आए
मप्र की सीमा से सटे उप्र के इलाके में डकैतों की हरकत के बाद दस्यु प्रभावित थाना धारकुण्डी, मझगवां, नयागांव और बरौंधा के थाना प्रभारी नए पुलिस अधीक्षक की पहली बैठक में शामिल नहीं हो सके। सभी अपना इलाका सुरक्षित करते हुए डकैतों का मूवमेंट पता करने में जुटे रहे।
Published on:
19 Mar 2019 02:56 pm

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