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रिमझिम बारिश तक सिमटे बदरा, आंख मिचौली ने बढ़ाई किसानों की धड़कने

दिनभर उमड़ते-घुमडते रहे बदरा, बरसे सिर्फ 5.6 मिमी, रिमझिम फुहारों से मौसम खुशनुमा

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 04, 2018

spring rain today in satna

spring rain today in satna

सतना। अषाढ़ के दिन भी धीरे-धीरे निकलते जा रहे हैं, लेकिन मानसून है कि मेहरबान होने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को आसमान में छाए काले बादल दिनभर उमड़ते घुमड़ते रहे। इससे तेज बारिश की उम्मीद बंधी, लेकिन शाम तक दाने के बाद बादल रिमझिम बारिश कर लौट गए।

जिले में कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। वहीं शहर में दिनभर में कई दौर की रिमझिम बारिश के बाद मौसम कार्यालय में शाम को 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मानसून की आंख मिचौली ने किसानों की धड़कने बढ़ा दी है।

15 दिन बोवनी पिछड़ी
बीते साल सूखे की मार झेल चुके जिले के किसानों को इस साल अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन मानूसन की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष जिले में 3.50 लाख हेक्टेयर रकबे में खरीफ की बोवनी का लक्ष्य रखा है, लेकिन बारिश न होने के कारण जिले में अभी तक बोवनी का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। किसन खाद बीज खरीद बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में जुलाई के प्रथम सप्ताह तक 90 फीसदी बोवनी का कार्य पूर्ण हो जाता है।

मौसम में घुली ठंडक, गर्मी से राहत
शहर में दिनभर रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। इससे तापमान में तेजी से गिरावट आई और मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम में ठंडक घुलने से लोगों को उमसभरी गर्मी से कुछ राहत मिली, लेकिन हल्की बारिश से सड़के कीचड़ से चन गई इससे लोगों को राह चलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

नहीं तो अंकुरण की संमस्या हो सकती
मानसून की बारिश शुरू होते ही किसान खरीफ की बोवनी में जुट गए हैं। हालांकि अभीइतनी बारिश नहीं हुई की बोवनी कर सके। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि, किसान जल्दबाजी न करे। चार इंच बारिश होने के बाद ही बिजाई करे। नहीं तो अंकुरण की संमस्या हो सकती है। एेसे में बोवनी के लिए तीन चार दिन और बारिश का इंतजार करना पड़ सकता है। तापमान में गिरावट आने से धान की रोपणी लगाने का यह उपयुक्त समय है। किसान धान की रोपणी डाल सकते हैं।