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एमपी के इस नगर निगम में टेंडर घोटाला, गलत निविदा नंबर के बावजूद फर्म को दिया ठेका, समिति पर उठे सवाल

tender scam: मध्य प्रदेश के एक नगर निगम में टेंडर घोटाला उजागर हुआ है। गलत निविदा नंबर और शपथ पत्र में हेरफेर के बावजूद फर्म को ठेका दिया गया।

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सतना

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Akash Dewani

Mar 30, 2025

tender scam in Satna Municipal Corporation of madhya pradesh

tender scam: मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम में टेंडर घोटाले का मामला सामने आया है। निगम की निविदा समिति ने नियमानुसार अपात्र कर दी जाने वाली निविदा को न सिर्फ स्वीकृत किया बल्कि ठेका भी दे दिया। इस घोटाले में राघवेन्द्र द्विवेदी नामक फर्म पर नियमों को दरकिनार कर ठेका देने का आरोप है।

गलत निविदा नंबर और शपथ पत्र में हेरफेर

उतैली स्थित पीएम आवास के पास 60 दुकानों के निर्माण के लिए 2.26 करोड़ रुपये का टेंडर 3 जुलाई 2024 को जारी किया गया था। पहले टेंडर में दोनों निविदाकार तकनीकी तौर पर अपात्र पाए गए और निविदा निरस्त कर दी गई। दूसरी निविदा 13 सितंबर 2024 को जारी हुई, जिसमें एक निविदाकार शामिल हुआ। समिति ने इसे पास कर एमआईसी को भेजा, लेकिन एमआईसी ने मापदण्ड पूरे न होने के चलते इसे भी निरस्त कर दिया।

तीसरी निविदा 12 फरवरी 2025 को जारी हुई, जिसमें पांच निविदाकारों ने भाग लिया। 28 मार्च को जब निविदा खोली गई, तो तीन निविदाकार तकनीकी आधार पर अयोग्य पाए गए। इसके बावजूद 15.01 प्रतिशत बिलो रेट डालने वाली राघवेन्द्र द्विवेदी फर्म की निविदा को मंजूरी दे दी गई।

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शपथ पत्र में गलत जानकारी

सबसे बड़ा घोटाला तब सामने आया जब पता चला कि राघवेन्द्र द्विवेदी फर्म ने शपथ पत्र में गलत निविदा क्रमांक लिखा था। फर्म ने अपने शपथ पत्र में निविदा क्रमांक '2024_यूएडी401877_1' दर्ज किया, जबकि सही क्रमांक '2025यूएडी_401877_1' था। इसके अलावा, निविदाकार ने निगम द्वारा दिए गए तय प्रारूप के बजाय स्वयं का प्रारूप इस्तेमाल कर शपथ पत्र प्रस्तुत किया।

आरोपों पर निगमायुक्त का बयान

निगमायुक्त शेर सिंह मीना ने कहा कि यदि निविदा को गलत तरीके से खोला गया है, तो उसे निरस्त कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।