सवाई माधोपुर

15 करोड़ की राशि से आयुर्वेद का बनेगा 50 पलंग का इंडोर हॉस्पिटल

15 करोड़ की राशि से आयुर्वेद का बनेगा 50 पलंग का इंडोर हॉस्पिटल आयुर्वेद को बढ़ावा: एलोपैथी की तरह मरीजों को भर्ती करके किया जाएगा उपचार सवाईमाधोपुर. एलोपैथिक चिकित्सालयों की तरह आयुर्वेद के इंडोर चिकित्सालयों में मरीजों को भर्ती करके उनकी बीमारियों का उपचार किया जाएगा। सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय पर 15 करोड़ रुपए की लागत से 50 पलंगों का आयुर्वेद इंडोर चिकित्सालय को बनाने की तैयारी चल रही आयुर्वेद विभाग ने डीपीआर बनाकर सरकार को भेज दी है जल्दी भवन निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।

2 min read
15 करोड़ की राशि से आयुर्वेद का बनेगा 50 पलंग का इंडोर हॉस्पिटल

15 करोड़ की राशि से आयुर्वेद का बनेगा 50 पलंग का इंडोर हॉस्पिटल

आयुर्वेद को बढ़ावा: एलोपैथी की तरह मरीजों को भर्ती करके किया जाएगा उपचार

आयुर्वेद विभाग ने एकीकृत चिकित्सालय की भेजी डीपीआर, शीघ्र शुरू होगा निर्माण

सवाईमाधोपुर. एलोपैथिक चिकित्सालयों की तरह आयुर्वेद के इंडोर चिकित्सालयों में मरीजों को भर्ती करके उनकी विभिन्न बीमारियों का उपचार किया जाएगा। सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय पर 15 करोड़ रुपए की लागत से 50 पलंगों का आयुर्वेद इंडोर चिकित्सालय को बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए आयुर्वेद विभाग ने डीपीआर बनाकर सरकार को भेज दी है और जल्दी चिकित्सालय भवन निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।

देशभर में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयुर्वेद में भी मरीज को भर्ती करके उपचार करने के लिए भरतपुर संभाग के भरतपुर व सवाईमाधोपुर जिले में इंडोर चिकित्सालय खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार ने भरतपुर संभाग में भरतपुर व सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालयों पर 50-50 पलंगों का एकीकृत चिकित्सालय खोलने के लिए 15-15 करोड़ की राशि की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इस योजना के प्रथम चरण में सवाईमाधोपुर में आयुर्वेद चिकित्सालय को जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 5 करोड़ का बजट चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए स्वीकृत किया गया है। इसकी विभाग ने डीपीआर तैयार कर सरकार को भेज दी है। शीघ्र ही निर्माण शुरू होने के आसार हैं।

आलनपुर में बनेगा एकीकृत अस्पताल: जिला प्रशासन ने आयुर्वेद इंडोर चिकित्सालय के लिए आलनपुर में खसरा नम्बर 2300 कुल रकबा 1.76 हैक्टेयर में से 1.20 हैक्टेयर भूमि अस्पताल के लिए 17 मई 21 को आवंटित की थी।

विभाग ने कब्जा लेकर इसको समतलीकरण और सफाई कार्य शुरू करवा दिया है। यह अस्पताल लटिया नाले के तथा एक निजी अस्पताल के समीप में बनेगा। इसी अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथिक तीनों चिकित्सालय एक छत के नीचे काम करेंगे। जबकि इंडोर चिकित्सालय केवल आयुर्वेद का होगा। ऐसे में रोगियों को एक ही परिसर में विभिन्न पद्धतियों से उपचार लेने को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

6 चिकित्सक व 10 कम्पाउण्डर रहेंगे कार्यरत

नए चिकित्सालय में 6 आयुर्वेद चिकित्सक व 10 कम्पाउण्डर, 4 सहायक कर्मचारी, एक कनिष्ठ लिपिक तथा पंचकर्म यूनिट के लिए एक रसोईया का पद स्वीकृत किया गया है। एक-एक यूनानी व होम्योपैथिक चिकित्सक तथा कम्पाउन्डर रहेंगे।

इनका कहना है....

जिला मुख्यालय पर 15 करोड़ की लागत से 50 पलंगों का एकीकृत चिकित्सालय बनने जा रहा है। इसके लिए सरकार ने प्रथम चरण में 5 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इसकी डीपीआर तैयार कर भिजवा दी गई है। शीघ्र निर्माण शुरू हो जाएगा।

राजेन्द्र शर्मा, सहायक निदेशक आयुर्वेद विभाग सवाईमाधोपुर।
इन बीमारियों का होगा उपचार

यहां आयुर्वेद अस्पताल बनने पर जिलेवासियों को जटिल बीमारियों का आयुर्वेद विधि से उपचार कराने को जयपुर या उदयपुर नहीं जाना पड़ेगा। पंचकर्म के माध्यम से वात व्याधि संबंधी रोग, पेट संबंधी, पाइल्स यूनिट के माध्यम से पाइल्स रोग, पंचकर्म, प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा , खांसी, जुकाम, बुखार, मलेरिया, टाइफाइड आदि सभी रोगों का उपचार किया जाएगा। गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन भी किए जाएंगे।

यह होंगी सुविधा

50 पलंगों के एकीकृत अस्पताल में गंभीर बीमारी के रोगियों के ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थिएटर, आईपीडी, ओपीडी, पंचकर्म की आईपीडी, ओपीडी, योग कक्ष, आयुर्वेद पद्वति द्वारा औषधीय पौधों से इलाज करने के लिए हर्बल गार्डन, चिकित्सक कक्ष, दवा काउंटर सहित कई अन्य सभी प्रकार की सुविधा होगी।

Published on:
06 Nov 2022 11:11 am
Also Read
View All

अगली खबर