
संदिग्ध मौत का मामला
मलारना डूंगर . कांग्रेस जिला परिषद सदस्य गिर्राज मीना की सड़क हादसे में संदिग्ध मौत पुलिस के लिए पहेली बनती जा रही है। परिजनों द्वारा मृतक की हत्या में दामाद पर षडयंत्र का शक जाहिर करने के बावजूद पुलिस नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है, जबकि घटना को 6 दिन बीत गए। इस पूरे मामले में पुलिस इतना ही कह पा रही है कि मामले की जांच चल रही है।
गौरतलब है कि 6 जनवरी को कांग्रेस जिला परिषद सदस्य गिर्राज मीना सुबह 8 बजे के लगभग गम्भीरा स्थित अपने घर से पैदल भाड़ौती के लिए निकले थे। घर से थोड़ी दूरी पर चलने के बाद ही पीछे से आई एक टोंक नम्बर की जीप ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे मीना गम्भीर घायल हो गया। ग्रामीणों ने भाड़ौती अस्पताल पहुंचाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सवाईमाधोपुर रेफर कर दिया। सामान्य चिकित्सालय में चिकित्सकों ने गिर्राज मीना को मृत घोषित कर दिया था।
घटना के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच भी शुरू करदी थी। घटना के दूसरे दिन मृतक के पुत्र विरेन्द्र मीना ने अपने ही जीजा पर उसके पिता की हत्या के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप लगा मलारना डूंगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने दूसरे पहलू पर गहनता से जांच शुरू की, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली।
दामाद से की पूछताछ
परिजनों द्वारा मृतक के दामाद पर ही हत्या के षडयंत्र में शामिल होने शक जाहिर करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मंगलवार को मृतक के दामाद संतोष मीना निवासी जीरोता थाना सपोटरा को थाने बुला कर घटना के संबंध में पूछताछ की। हालांकि पुलिस ने पूछताछ से संबंधित किसी भी तथ्य को बताने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध को भी थाने बुलाया है।
जांच कर रहे हैं...
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शीघ्र ही नतीजे सामने होंगे।
बृजेन्द्र सिंह, थाना प्रभारी, मलारना डूंगर, सवाईमाधोपुर
Published on:
10 Jan 2018 08:32 pm
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