29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सवाई माधोपुर

फसल खराबे के बाद खेत-खलिहानों में दौड़े कृषि अधिकारी

कृषि अधिकारियों ने फसल खराबे का लिया जाजया

Google source verification

सवाईमाधोपुर. जिले में गत दिनों हुई ओलावृष्टि, बारिश से फस्ल में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कृषि विभाग की संयक्त टीम ने बुधवार को विभिन्न गांवों में दौरा किया। टीम ने श्यामपुरा, बसोव, एण्डवा, हिन्गौनी, चकेरी, खाटकलां, पढाना, रजई कलां व रजई खुर्द आदि गांवों का सर्वे किया। इस दौरान संयुक्त निदेशक कृषि रामराज मीना, सहायक निदेशक सांख्यिकी श्याम बिहारी मथुरिया, सहायक निदेशक कृषि हेमराज मीना के साथ फिल्ड के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कृषि संयुक्त निदेशक ने बीमा कम्पनी प्रतिनिधि व कृषि विभाग के अधिकारियों को ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में उपस्थित रहकर सभी बीमित कृषकों की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के निर्देश दिए। ओलावृष्टि व बारिश से प्रभावित ग्रामों में सर्वें के दौरान गेंहू एवं चने की फसलों में 20 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। उन्होनें सभी बीमित किसानों से फसल खराबे की शिकायत निर्धारित 72 घण्टे के अन्दर फसल बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002095959 या नजदीकी सीएससी केन्द्र, क्रॉप इंश्योरेंस एप या फार्म मित्रा एप के माध्यम से आवश्यक रूप से दर्ज करवा सकते है। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर उपस्थित कृषकों की फसल खराबे की क्रॉप इन्श्योंरेंस एप पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज कराई।
पूर्व विधायक मोतीलाल ने ओलावृष्टि से प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
सवाईमाधोपुर. जिले में बेमौसम हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बे मौसम बरसात तथा ओलावृष्टि से किसानों के सारे सपने तबाह होकर रह गए हैं। अब किसान सरकार की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं। उन्हें मुआवजा मिले तो उनके जख्मों पर मरहम लगे। जिले के श्यामपुरा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव का पूर्व विधायक मोतीलाल मीणा ने दौरा किया तथा खेत-खलिहानों में पहुंचकर किसानों से उनके हालात जाने तथा तबाह फसलों का भी मौका मुआयना किया। उन्होंने श्यामपुरा, एंडा, भूरी पहाड़ी, चकेरी, कुंडेरा, पाडली आदि गांव का दौरा किया। एंडा निवासी चरतलाल ने बताया कि लगातार हो रही बे मौसम बरसात तथा ओलावृष्टि से उनकी फसलें पूरी तरह से तबाही के कगार पर पहुंच गई है। खेतों में कुछ नहीं बचा है। ऐसे में आर्थिक रूप से भी किसानों की कमर टूट कर रह गई है। उन्होंने सरकार से यथोचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया।