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सवाई माधोपुर

प्रदेश के पांचवे टाइगर रिजर्व की ओर बढ़ाया एक और कदम, धौलपुर अभयारण्य किया घोषित

वन विभाग के विशेषाधिकारी ने जारी किए आदेश

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना के दूसरे डिवीजन करौली के कैलादेवी अभयारण्य व धौलपुर के जंगलों को मिलाकर अब प्रदेश में पांचवा टाइगर रिजर्व तैयार हो जाएगा। पूर्व में वन विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव को नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरियटी ;एनटीसीएद्ध की ओर से अंतिम मंजूरी दे दी गई है। ऐसे में अब करौली व धौलपुर के जंगलों को मिलाकर प्रदेश में पांचवा टाइगर रिजर्व बनना तय हो गया है। इसके लिए वन विभाग ने एक ओर कदम बढ़ा दियाहै। वन विभाग की विशेषाधिकारी मोनाली सैन ने आदेशजारी कर धौलपुर को अभयारण्य घोषित किया है।
गत वर्ष भेजा था प्रस्ताव
वन अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष की शुरुआत में वन विभाग की ओर से यह प्रस्ताव भेजा गया था। वन विभाग की ओर से करौलीए धौलपुरएसरमथुरा व भरतपुर को जोडकऱ प्रदेश का पांचवा टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी की जा रही थी। नए टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1058 वर्ग किमी होगा।
फरवरी में मिली थी सैद्धांंतिक स्वीकृति
गत वर्ष विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजने के बाद एनटीसीए की ओर से फरवरी 2023 में करौली च धौलपुंर के जंगलों को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने के लिए सैद्धांंतिक स्वीकृति जारी की गई थी। इसके बाद इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया था। कमेटी में रणथम्भौर के सीसीएफ के साथ उपवन संरक्षक धौलपुर, करौली व भरतपुर के उपवन संरक्षकों को शामिल करने के साथ एक सेवा निवृत वन अधिकारी को भी शामिल किया था।इसके बाद कमेटी ने प्रस्तावित टाइगर रिजर्व का दौरा भी किया था।

नौ बाघ बाघिन है करौली व धौलपुर में
वन अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में करौली व धौलपुर के जंगलों में कुल सात बाघ. बाघिन है। इनमें से चार करौली में व पांच धौलपुर में है। वहीं इसके अलावा धौलपुर में तीन शावकों का विचरण भी है।

ये होंगे लाभ
करौली व धौलपुर के जंगलों को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने से यहां पर बाघों के संरक्षण तो होगा ही इसके साथ ही यहां के जंगलों में पाए जाने वाले चौसिंगा, पैंगोलिन व कैराकल कैट जैसी दुर्लभ प्रजातियों का भी संरक्षण हो सकेगा। साथ ही प्रदेश में वाइल्ड लाइफ ट्यूरिज्म में भी इजाफा होगा।
इस क्षेत्र को किया गया शामिल
वन विभाग की ओर से धौलपुर अभयारण्य में झिरी रक्षितवनक्षेत्र के कुल क्षेत्रफल 7027.35 हेक्टयर में से 3159.97 हेक्टयर के क्षेत्र कोहीअभयारण्य में शामिल किया गया है। कुल क्षेत्रफल में से सरमथुरा फील्ड फायरिंग रेंज के 2143.76 हेक्टयर व चंबल अभयारण्य का 677.85 हेक्टयर तथा सरमथुरा फायरिंग रेंज के एक किमी तक के 1045.77 हेक्टयर क्षेत्र को अभयारण्य में शामिल नहीं किया गया है। इसीप्रकार वनखण्ड मदनपुर के कुल क्षेत्रफल12510.86हेक्टयर में से चंबल अभयारण्य के क्षेत्र 515.36हेक्टयर,सरमथुरा फील्ड फायरिंग रेंज वनक्षेत्र व इसकी सीमा सेएककिमी तक के क्षेत्र के 659.01हेक्टयर व मदनपुर वनखण्ड ेकी उत्तरी सीमा से एक किमी अंदर के वनक्षेत्र का 1325.187 हेक्टयर वन क्षेत्र को अभ्यारण्य में शामिल नहीं कियरा गयाहै। साथ हीशेष बचे 10011.3 हेक्टयर क्षेत्रफल को धौलपुर अभयारण्य में शामिल किया गया है। वन खण्ड सोने का गुर्जा के कुल क्षेत्रफल 8375.76 हेक्टयर में से चंबल अभयारण्य के 1167.04 हेक्टयर क्षेत्र को छोडकऱ शेष7208.72हेक्टयरवनक्षेत्र को अभयारण्य में शामिल किया गया है। इसी प्रकार वनखण्ड झिरी,मदनप़ुर व सोने का गुर्जा के कुल क्षेत्रफल 27912.97 हेक्टयर में से 20426.11 हेक्टयर वन क्षेत्र कोअभयारण्य में शामिल किया गया है।
इनका कहना है…
धौलपुर, करौली को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनना है।इसी क्रम में धौलपुर अभयारण्य की अधिसूचना जारी की गई है। इसके बाद अब आगेकी कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल यादव, उपवन संरक्षक,राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य, धौलपुर।

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