31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर एरोहैड और उसके शावक का दिखा मूवमेंट, फिर सामने आई वन विभाग की लापरवाही

रणथंम्भौर अभयारण्य में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघ-बाघिन और शावकों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है।

less than 1 minute read
Google source verification
sawai madhopur news

एरोहैड यानी टी-84 और उसके शावक, (Photo- Patrika)

सवाई माधोपुर के रणथंम्भौर अभयारण्य में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघ-बाघिन और शावकों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से गोमुखी, मिश्रदर्रा और आडाबालाजी के पास में बाघिन सुल्ताना और शावकों का मूवमेंट बना हुआ था।

वहीं, शुक्रवार को जोगीमहल के पास बाघिन एरोहैड यानी टी 84 और उसके शावक का मूवमेंट बना रहा। ऐसे में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर एक बार फिर बाघिन और शावक को देखने के लिए मार्ग पर वाहनों और पर्यटकों की भीड़ जमा हो गई।

सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जमा भीड़ को वहां से हटाया। बाघिन का इलाके में करीब आधे घंटे तक मूवमेंट बना रहा। हालांकि बाद में बाघिन और उसके शावक का रुख एक बार फिर से जंगल की ओर हो गया। तब कहीं जाकर वनकर्मियों ने राहत की सांस ली।

जोगीमहल के पास रहा विचरण

जोगीमहल के पास शुक्रवार को बाघिन एरोहैड और उसके मेल शावक का मूवमेंट देखने को मिला था। गौरतलब है कि 16 अप्रैल को बालक की जान लेने वाली बाघिन भी एरोहैड की मादा शावक अवनि उर्फ कनकटी ने भी जोगीमहल के इसी क्षेत्र के पास 11 मई को रेंजर पर हमला किया था। वन विभाग ने इस बाघिन को अभी तक कोई नंबर आवंटित नहीं किया है। जिसके कारण यहां के वनकर्मी और गाइड इसे इसी नाम से ही पुकारते हैं।

यह भी पढ़ें : ‘सर, हम छोटे हैं, अभी पढ़ना है… प्लीज शादी रुकवा दीजिए’

Story Loader