सवाईमाधोपुर. भीषण गर्मी में चंद पलों की राहत कहीं आप को बीमार न बना दे। अक्सर घर से बाहर रहने वाले लोग बाजार में गर्मी से राहत की तलाश में रोड किनारे लगी दुकानों में शीतल पेय पदार्थ और कटे फल का उपयोग करते हैं, जबकि इसकी हकीकत यह है कि चंद पलों का यह सुकून बॉडी को और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इससे न केवल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि आप गंभीर बीमारियों की चपेट में भी आ सकते हैं।
राहत के नाम पर हो रहा खिलवाड़
बाजारों में शर्बत, जूस, फल के स्टॉल सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले में शहर, गांव, कस्बों में हजारों की संख्या में गन्ने के रस के ठेले चल रहे हैं। इनकी हकीकत यह है कि गन्ने को और ज्यादा रसदार करने के लिए उसे कई दिनों तक पानी में रखा जाता है। यह पानी इतना ज्यादा संक्रमित होता है कि उससे पीने के बाद कई तरह की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। बाजार में कटे फल बिना ढके बेचे जा रहे हैं। इसे खाने से सेहत और प्यास नहीं बल्कि बीमारी ज्यादा फैलने का अंदेशा है।
चिकित्सा महकमा बना है बेपरवाह
गर्मी के मौसम में बाजार में ठेलो पर बिक रहे कटे-फलों से कई प्रकार की बीमारियां फैलने की आशंका है। इसके अलावा सड़क किनारे गन्ने के ज्यूस के दर्जनों ठेले संचालित है लेकिन इनकी शुद्धता को लेकर चिकित्सा महकमा बेपरवाह बना है। शीतल पेय व फलों को बेचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की है और ना ही कोई सैंपल लिए है।
बिना ढके बिक रहे तरबूज व खरबूजे
जिला मुख्यालय पर सब्जी मण्डी समेत सड़क किनारे पर दर्जनों जगहों पर बिना ढके पपीता, तरबूज, खरबूज व अन्य फल बिक रहे है। इन पर हर समय मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं। आंधी चलने से धूल व मिट्टी फलों पर व रस के अंदर जाती रहती है। गन्ने का रस निकालने के थोड़े समय बाद ही काला हो जाता है। जागरूकता के अभाव में यह रस भी ग्राहकों को पिला दिया जाता है। यही फल व रस बीमारियों को निमंत्रण दे रहे हैं। लेकिन इन पर ना तो जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है और ना ही चिकित्सा महकता गंभीर दिखाई दे रहा है।
सैकड़ो दुकानें, जांच एक की भी नहीं
गन्ने का रस, बिल, पाइनेपल सहित अन्य ज्यूस खाद्य पदार्थों की शहर में दर्जनों दुकानें खुल गई। है। इनमें किस गुणवत्ता का सामान बिक रहा इसकी जांच के लिए प्रशासन बेपरवाह है। अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि अधिकतर दुकानों में सेहत से खिलवाड़ कर स्वाद के लिए मिलावट हो रही है। बढ़ती गर्मी के मौसम में गन्ने के इस दूषित रस व फलों को खाने से कई बीमारियां फैलने का भी खतरा बना है।
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इनका कहना है
भीषण गर्मी में बिना ढके व कटे फल बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में फल विक्रेताओं व ज्यूस वालों को पाबंद भी किया जाएगा।
वीरेन्द्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सवाईमाधोपुर