
सपोटरा थाना क्षेत्र के भरतून गांव के हार (खेत) में संदिग्ध परिस्थति में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी व उनके दो पुत्र शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम करा शव परिजन को सौंप दिए। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया मौत का कारण विषाक्त पदार्थ सेवन बताया है। पुलिस इस अनुसंधान में जुट गई है कि यह विषाक्त उन्होंने इरादतन खाया या अनजाने में खाने में आ गया या फिर किसी ने खिलाया। मामले में मृतक राजेन्द्र के चाचा भरती मीणा ने हत्या की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कैलादेवी के पुलिस उपाधीक्षक सुरेन्द्रकुमार दानोदिया ने बताया कि सेंगरपुरा निवासी राजेन्द्र पुत्र ज्वाहरी मीणा भरतून गांव के हार (खेत) में स्थित मकान में रहकर डाबरा गांव के एक व्यक्ति के खेतों पर बंटाई पर खेती का काम करता था। राजेन्द्र मीणा शुक्रवार रात अपनी पत्नी व दो बेटों के साथ घर की छत पर सोया था। छत पर ही उनकी संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। सुबह गांव की एक महिला किसी कार्य से उनके घर गई, तो उसे उनकी मौत की जानकारी मिली।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की छत से सेंगरपुरा निवासी राजेन्द्र मीणा (42) उसकी पत्नी निरबो (38) तथा पुत्र रामवतार (21) व आशाराम (15) के शव बरामद किए। एसपी के आदेश पर एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और मौके से फोटो व साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल के अनुसार प्रारम्भिक तौर पर विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का अंदेशा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रख जांच कर रही है। सपोटरा के बीसीएमएचओ डॉ. पूरणमल वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम में प्रारम्भिक तौर पर पता चला है कि विषाक्त पदार्थ के सेवन से उनकी मौत हुई है।
मचा कोहराम: सेंगरपुरा गांव में एक साथ चार जनों का अंतिम संस्कार होने पर कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भी काफी संख्या में भीड़ रही। सपोटरा विधायक रमेश मीणा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश यादव ने मौके पर घटना की जानकारी ली तथा परिजनों को ढांढस बंधाया।
कॉल डिटेल की जांच : मौके से मिले तीन मोबाइल की कॉल डिटेल को पुलिस खंगाल रही है।
चूल्हे में राख भी नहीं मिली
पुलिस के अनुसार मृतकों के घर के चूल्हे में राख भी नहीं मिली। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने रात में खाना नहीं बनाया। हालांकि दो सूखी रोटी पड़ी मिली और पाउडर जैसा पदार्थ चिपका हुआ था। मृतक राजेन्द्र के पैर तख्त से जमीन पर लटके थे। पुलिस का मानना है कि तुरत-फुरत में राजेन्द्र ने दम तोड़ दिया। मृतक राजेन्द्र तख्त, पत्नी निरबो तथा बेटा रामवतार खाट पर सोया था, जबकि छोटा बेटा आशाराम जमीन पर। मौके की स्थिति-परिस्थिति का अपने अपने तरीके से आंकलन करके इलाके के लोगों में हत्या या आत्महत्या को लेकर खासी चर्चाएं चल रही हैं।
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