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भर गया सब्र का घड़ा, परिंडा खाली

गंगापुरसिटी. बढ़ती गर्मी में पानी की मांग बढ़ा दी है, जबकि जलदाय विभाग मांग की तुलना में आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। शहर में हालत यह है कि लोगों को आवश्यकता की तुलना में आधा पानी भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोग अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करने में जुटे हुए हैं।

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गंगापुरसिटी. बढ़ती गर्मी में पानी की मांग बढ़ा दी है, जबकि जलदाय विभाग मांग की तुलना में आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। शहर में हालत यह है कि लोगों को आवश्यकता की तुलना में आधा पानी भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोग अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करने में जुटे हुए हैं। कोई दूसरे मोहल्ले, कॉलोनी से पानी ढोकर ला रहा है तो कोई जेब से रुपए खर्च करके टैंकर मंगा रहा है। यूं तो शहर में पानी का संकट पुरानी समस्या है लेकिन गर्मी शुरू होने के साथ यह समस्या और बढ़ गई है। अधिकांश स्थानों पर पानी की समस्या जटिल है जिसका कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। जलदाय विभाग ने टैंकरों से पानी आपूर्ति की अभी सुध नहीं ली है। बताया गया है कि विभाग की ओर से अभी टैंकर प्रक्रिया चल रही है।

महंगा हो गया अब टैंकर मंगाना

टैंकरों की मांग बढ़ी तो भावों में भी इजाफा हो गया। कुछ माह पहले ढाई सौ में आने वाला टैंकर अब तीन सौ से साढ़े तीन सौरुपए में आ रहा है। संजय कॉलोनी, कुरैशी मोहल्ला, जामा मस्जिद, नया बाजार, देव कॉलोनी, वैद्य कॉलोनी, गुर्जर झौपड़ी व शीतला माता रोड पर समस्या अधिक है। इस इलाके के लोगों ने ग्रुप बनाकर टैंकर मंगाने की व्यवस्था का रखी है। जलदाय विभाग ने पेयजल समस्याग्रस्त इलाकों में अभी टैंकरों से पानी आपूर्ति की स्वीकृति जारी नहीं की है। गत वर्ष जलदाय विभाग ने टैंकरों से पानी पिलाने पर 55 लाख रुपए खर्च किए थे। फिलहाल तो जलदाय विभाग की चुप्पी से लोगों को रकम खर्च करनी पड़ रही है।

चौदह हजार से अधिक फेरे

शहर की पानी की समस्या के समाधान के लिए हर वर्ष ही टैंकरों से पानी की सप्लाई करके प्यास बुझाई जाती रही है। गत वर्ष भी जलदाय विभाग ने टैंकरों से पानी परिवहन कर लोगों के लिए पानी का प्रबंध किया था। सूत्रों के अनुसार जलदाय विभाग की ओर से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों ने चौदह हजार से अधिक फेरे लगा कर लोगों तक पानी पहुंचाया। इनमें टैंकरों के 7005 फेरे शहरी क्षेत्र में और 7430 फेरे ग्रामीण क्षेत्र में लगाए गए। इतनी संख्या में टैंकरों से जलापूर्ति पर 55 लाख रुपए खर्च करने पड़े थे।

कूलर पी रहे

गर्मी में प्यास अधिक लगने के अलावा पानी की खपत बढऩे का कारण कूलर भी है। इन दिनों घर और दुकानों पर कूलर चलना शुरू हो गया। इसके चलते पानी की आवश्यकता भी बढ़ गई है। एक घर मेंं कई कूलर चलते हैं।

100 लीटर का मापदंड

विभाग ने प्रति व्यक्ति100 लीटर पानी आपूर्ति का मापदंड निर्धारित है, लेकिन विभाग वर्तमान में प्रति व्यक्ति 40 लीटर पानी ही सप्लाई कर पा रहा है। दरअसल इसका कारण यह है कि क्षेत्र में नए जल स्रोत स्थापित नहीं किए जा सके हैं। शहर की जलापूर्ति काफी समय से 48 नलकूप के भरोसे ही है।

चल रही है टेण्डर प्रक्रिया

टैंकरों से पेयजल प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूर्ण होने पर आवश्यकता वाले क्षेत्रों में टैंकरों से आपूर्ति की जाएगी।

प्रदीप मीना, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, गंगापुरसिटी