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विभाग के पास नहीं बालवाहिनियों का रिकॉर्ड

विभाग के पास नहीं बालवाहिनियों का रिकॉर्ड

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सूरवाल. चकचैनपुरा में कार्रवाई परिवहन विभाग की टीम।

सूरवाल. चकचैनपुरा में कार्रवाई परिवहन विभाग की टीम।

सवाईमाधोपुर. गत दिनों करौली जिले में हिण्डौनसिटी क्षेत्र के गुडला गांव में बालवाहिनी की टूटे फ्लोर से नीचे गिरने से एक मासूम की मौत ने प्रदेशभर में चल रही बालवाहिनियां को जांच के दायरे में ला दिया है। स्थिति यह है कि सवाईमाधोपुर जिले में 784 निजी स्कूल संचालित है, लेकिन केवल 103 बालवाहिनियों का ही परिवहन विभाग के पास पंजीयन है। शेष स्कूलों मेें तो बालवाहिनियां बिना फिटनेस के ही दौड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के के पास निजी स्कूलों में संचालित हो रही बालवाहिनियों का रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं है। बालवाहिनों के रूप में चल रही वैन एवं कई ऑटो बिना फिटनेस के ही दौड़ रहे हैं।


हादसे के बाद मांग रहे रिकॉर्ड : गुडला गांव में मासूम की मौत के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आया है। शिक्षा विभाग ने जिले में निजी स्कूलों में संचालित बालवाहिनियों का रिकॉर्ड मांगा है।

बच्चों की जान डाल रहे खतरे में : अधिकतर बालवाहिनियों में सुरक्षा की दृष्टि से भी कोई इंतजाम नहीं है। बच्चों को उतारने के बाद चालक जल्दबाजी में वाहन को आगे बढ़ा देते हैं। इससे बच्चों के गिरने का अंदेशा बना रहता है। इसके अलावा कई वैन व ऑटो चालक तो बच्चों को ओवरलोड तक बिठाते हैं।


17 बाल वाहिनियों के खिलाफ की कार्रवाई
सवाईमाधोपुर. करौली में बालवाहिनी की चपेट में आने से बालक की मौत के बाद परिवहन विभाग की ओर से नियमों को दरकिनार कर सड़कों पर दौड़ रही बालवाहिनियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत परिवहन विभाग ने मंगलवार को चकचैनपुरा में बाल वाहिनियों की जांच की और कमियां मिलने पर 17 बसों को जब्त किया है। गौरतलब है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ने 23 फरवरी को बाल वाहिनियों के संचालन के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
पांच बसों को किया सीज : कार्रवाई के दौरान पांच बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण विभाग की ओर से बसों को सीज कर दिया गया। इसके अतिरिक्त बारह बसों की हालत फिटनेस के लायक नहीं मिली। ऐसे में उन बसों के चालान काटे गए।


अब फिटनेस कैंसिल करने की कवायद : परिवहन विभाग की ओर से ऐसी दस बसें जो फिटनेस प्रमाण पत्र के लायक नहीं हैं । उन बसों की फिटनेस को कैंसिल करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।


विभाग की ओर से मंगलवार को बाल वाहिनियों की जांच की गई थी। इसमें 17 बसों में कमियां मिली है। पांच बसों को सीज किया गया है। जबकि बारह के चालान काटे गए हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पीआर जाट, जिला परिवहन अधिकारी, सवाईमाधोपुर।

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