सवाईमाधोपुर. तेजा दशमी पर सोमवार को शहर सहित आस-पास के ग्रामीण इलाकों में लोक देवता तेजाजी का मेला भरा। तेजाजी के स्थान पर नारियल और अगरबत्ती, फूल-माला चढ़ाकर खीर, चूरमे, पुए-पकवान का भोग लगाया। ढोल-नगाड़ों के साथ तेजाजी स्थान पर ध्वज चढ़ाने के लिए लोग उमड़े। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया। तेजाजी की बिंदौरी भी निकाली गई। इस दौरान जहरीले कीटो से दंश किए गए लोगों के बंधी तांतिया काटी गई। तेजाजी स्थान पर ज्योत जलाई गई।
मेले का उठाया लुत्फ
जिला मुख्यालय पर सामान्य चिकित्सालय के पीछे देलवार मेला समिति के तत्वावधान में मेले का आयोजन किया। तेजाजी की झांकी व मेला देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने झूले,चकरी,चाट-पकौड़ी का लुत्फ उठाया। वहीं परिजनों के साथ आए बच्चों ने मेले में खिलौने खरीदे और झूले-चकरी का आनंद लिया। गृहणियों ने मेले में घरेलू उत्पाद सहित साज-सज्जा के सामान खरीदे।
जयकारे लगाते पहुंचे लोग
मेले में लोग तेजाजी के जयकारे लगाते हुए पहुंचे। लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलिया, जीप,दुपहिया व चौपहिया वाहन लेकर तेजाजी मेले में पहुंचे। लोगों ने तेजाजी स्थान पर नारियल, माला, अगरबत्ती चढ़ाई। पूजा-अर्चना कर खुशहाली की कामना की। तेजादशमी पर लोगों ने व्रत भी रखें।
पूजा-अर्चना कर मेले का हुआ आगाज
निकटवर्ती कुस्तला में सोमवार से दो दिवसीय देहलवार मेले का आगाज हुआ। सुबह दस बजे विधिवत रूप से तेजाजी मेले का शुभारंभ हुआ। प्रधान सेवक कन्हैया लाल मीणा ने बताया कि इस अवसर पर जहरीले कीटो से दंश किए हुए लोगों के बंधी तातियां काटी गई। दिनभर पूजा-पाठ एवं जागरण की प्रस्तुतियां दी। इसी प्रकार समुद्रपुरा गांव में मुख्य मेला का आयोजन किया। शाम चार बजे बाबा दरबार में भोजन प्रसादी वितरित की। इसी प्रकार कुंडेरा श्यामपुरा गांव में सोमवार को तेजाजी का मेले का अयोजन किया। मेले में दूर-दराज से आए यात्रियों ने जयकारों लगाए और अलगोजे की धुन पर नृत्य किया। मेले में जहरीले कीटो से काटे गए लोगो की तांतीया काटी गई। इस अवसर पर सुड्डा दंगल का भी अयोजन किया।