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नहीं सुनते जनप्रतिनिधि व अधिकारी

मोतीपुरा गांव की राह नहीं आसाननहीं सुनते जनप्रतिनिधि व अधिकारी

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गंगापुरसिटी के समीप मोतीपुरा गांव से जयपुर हाइवे की ओर जाने वाला रास्ता।

गंगापुरसिटी. शहर से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सलेमपुर ग्राम पंचायत के मोतीपुरा गांव के लोगों की राह आसान नहीं है। गांव को जयपुर हाइवे से जोडऩे वाला मुख्य रास्ता 3 किलोमीटर की दूरी तक कच्चा व ऊबड़-खाबड़ है। पक्की सड़क नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में कीचड़ से रास्ता बन्द हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि जयपुर जाने के लिए पहले गंगापुरसिटी आना पड़ता है। फिर जयपुर के लिए जाते हैं। इससे उन्हें 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। जानकारों के अनुसार सड़क बन जाए तो इस समस्या से निजात मिलेगी और ग्रामीण लोगों इसका लाभ मिलेगा। बाहर से आने-जाने वाले राहगीरों को भी कच्चे रास्ते की वजह से दिक्कत होती है। सरकारी रिकॉर्ड में इसे रास्ता दर्शा रखा है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनदेखी के चलते सड़क नहीं बनाई जा रही। इस बारे में लोगों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी मांग की, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

ये बोले लोग
मोतीपुरा गांव से जलोखरा तक रास्ता कच्चा है। वर्षों से सड़क बनवाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
रामकिशन पटेल, ग्रामीण

मोतीपुरा गांव की यह एक बहुत बड़ी समस्या है। यह सड़क बननी चाहिए। हम सभी लोग प्रयास करेंगे कि यह मांग जल्दी पूरी हो। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी फिर से इस मांग को रखेंगे।
दर्शन सिंह गुर्जर, ग्रामीण

कच्चा रास्ता होने से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खेतों में जाते समय भी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में तो आना-जाना ही बंद हो जाता है।
मोहन, ग्रामीण

बीड़ी श्रमिकों ने किया प्रदर्शन
सवाईमाधोपुर. शहर में बीड़ी कारखानो के श्रमिकों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को बीड़ी कारखाने के समक्ष प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने बताया कि लम्बे समय से बीड़ी बनाने का कार्य कर रहे है। लेकिन केवल 180 या 200 रुपए ही दिए जा रहे है। इससे आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। महंगाई के दौर में एक मजदूर को भी 300 रुपए दिए जा रहे है, जबकि श्रमिक को फैक्ट्री मालिकों की ओर से कम वेतन दिया जा रहा है। श्रमिकों ने बताया कि तीन दिन से वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। फिर से वेतन बढ़ाने की मांग की जाएगी।

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