सवाईमाधोपुर-जयपुर रेललाइन के दोहरीकरण के लिए केन्द्र सरकार की ओर से जारी किए गए सौ करोड़ के बजट के बाद अब जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। जयपुर-सवाईमाधोपुर रेललाइन का दोहरीकरण होने से यात्रियों को सुविधा होगी।
सवाईमाधोपुर-जयपुर रेललाइन के दोहरीकरण के लिए केन्द्र सरकार की ओर से जारी किए गए सौ करोड़ के बजट के बाद अब जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। जयपुर-सवाईमाधोपुर रेललाइन का दोहरीकरण होने से यात्रियों को सुविधा होगी। साथ ही सवाईमाधोपुर सीधे टोंक एवं नसीराबाद से भी जुड़ जाएगा। इसके लिए यात्रियों को जयपुर का फेर भी नहीं खाना पड़ेगा। गौरतलब है कि बजट में उत्तर पश्चिम रेलवे को रेल परियोजनाएं, यात्री सुविधाओं, संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे को वर्ष 2024-25 के बजट में 9714.28 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो गत वर्ष के 8636.85 करोड़ रुपए की तुलना में 12.47 प्रतिशत अधिक है।
100 करोड़ की लागत से होगा दोहरीकरण
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार जयपुर-सवाईमाधोपुर रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए बजट में सरकार की ओर से कुल 100 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान किया गया है। सौ करोड़ की राशि से करीब 131.27 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में रेलवे की ओर से सर्वे का कार्य भी कराया गया था। वहीं सवाईमाधोपुर से टोंक होते हुए नसीराबाद को जोड़ने वाली नई रेल लाइन पर भी सौ करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह रेल लाइन करीब 145 किमी. की होगी।
बाइपास का भी होगा निर्माण
जयपुर सवाईमाधोपुर रेललाइन के दोहरीकरण के कार्य के साथ-साथ बजट में सरकार की ओर से कुश्तला में सवाईमाधोपुर बाइपास का निर्माण भी कराया जाएगा। करीब 6.98 किमी इस बाइपास के निर्माण के साथ- साथ उसका दोहरीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। इसके लिए बजट में 160 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सालों से उठ रही थी मांग
जयपुर से सवाईमाधोपुर रेल मार्ग के दोहरीकरण की सालों से लगातार मांग की जा रही थी। इस संबंध में पूर्व में कई बार स्थानीय लोगों, रेलवे यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों व रेलवे सलाहकार समिति सदस्यों ने डीआरएम व अन्य रेलवे अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं। अब सवाईमाधोपुर- जयपुर रेल लाइन का दोहरीकरण होने से यात्रा के दौरान यात्रियों को ट्रेन के पास होने के कारण होने वाली देरी से निजात मिल जाएगी और यात्रा में पहले की तुलना में समय भी कम लगेगा।