रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को जल्द ही इको डेवलपमेंट कमेटी (ईडीसी) गाइड मिल सकते हैं। 25 ईडीसी गाइडों की जल्द ही भर्ती हो सकती है। इसके लिए वन विभाग की ओर तैयारियां की जा रही है। भर्ती के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को जल्द ही इको डेवलपमेंट कमेटी (ईडीसी) गाइड मिल सकते हैं। 25 ईडीसी गाइडों की जल्द ही भर्ती हो सकती है। इसके लिए वन विभाग की ओर तैयारियां की जा रही है। भर्ती के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को जोन एक से पांच जोन तक में नेचर गाइड सफारी कराते है। वहीं रणथम्भौर के बाहरी जोन 6 से 10 में ईडीसी गाइड भ्रमण पर ले जाते हैं। वर्तमान में रणथम्भौर में 48 ईडीसी गाइड है।
पूर्व में हुआ था विवाद
पिछली बार वन विभाग ने बिना विज्ञप्ति ही अपनी चहेतों की ईडीसी गाइड की सूची जारी कर दी थी। जिसकी जानकारी मिलते ही लोग इसके विरोध में उतर आए। इस सूची में वन कर्मचारियों के परिजनों को शामिल किया गया था। सूची में शामिल लोग इको डेवलपमेंट कमेटी के क्षेत्राधिकार के निवासी नहीं थे।
यह है भर्ती के नियम
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की पेराफेरी से विस्थापित गांवों के युवाओं, बाघ मानव संघर्ष के मृतकों के परिजनों को प्राथमिकता दी जाती है। ईडीसी गाइड बनाने के लिए वन विभाग को स्थानीय इको डवलपमेंट कमेटी से प्रस्ताव लेना आवश्यक है। ईडीसी गाइड बनने वाला युवक कमेटी के क्षेत्राधिकार का निवासी होना चाहिए। जानकारी के अनुसार रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के लिए वन विभाग तरफ से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन आवेदन के लिए सूचना को सार्वजनिक नहीं किया गया। अधिकारियों की ओर से अपने चहेतों से फार्म लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार वनाधिकारियों ने भर्ती के लिए 100 से ज्यादा फार्म भरवाए थे। जिसके बाद अब सूची सामने आने की संभावना है, लेकिन सूची सामने आने से पहले ही यहां विवाद बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जिसे सोशल मीडिया पर भी लोग अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
विस्थापित गांवों के ग्रामीण अक्सर प्रार्थना पत्र देकर जाते हैं। वन विभाग की ओर से किसी भी तरह के कोई आवेदन नहीं लिए है। कमेटी का गठन किया था, लेकिन भर्ती परीक्षा से करवाई जाएगी या किसी और तरीके को अपनाया जाएगा। इसे लेकर निर्णय नहीं हुआ है।
संदीप चौधरी, उपवन संरक्षक (पर्यटन), रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।
कमेटी का किया गठन
ईडीसी भर्ती के वन विभाग की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया था। जिसमें तत्कालीन सीसीएफ सेडूराम यादव, उपवन संरक्षक (पर्यटन) संदीप चौधरी, अरविंद झा , मानस सिंह और सचिन शर्मा को शामिल किया था। जिसके बाद हाल ही में सेडूराम यादव और मानस सिंह का तबादला हो चुका है।