खाद किल्लत: किसानों ने 3 घण्टे किया प्रदर्शनअवैध वसूली का लगाया आरोप, अधिकारियों ने समझाइश कर वितरित कराया यूरिया सवाईमाधोपुर जिले में मित्रपुरा बस स्टैण्ड के पास शुक्रवार को यूरिया खाद के वितरण के दौरान खाद विक्रेताओं द्वारा खाद की निर्धारित दर से अधिक वसूली करने के विरोध में ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंंने प्रशासन व खाद वितरक के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बस स्टैण्ड से लेकर पुलिस चौकी तक रैली भी निकाली।
खाद किल्लत: किसानों ने 3 घण्टे किया प्रदर्शन
अवैध वसूली का लगाया आरोप, अधिकारियों ने समझाइश कर वितरित कराया यूरिया
सवाईमाधोपुर जिले में मित्रपुरा बस स्टैण्ड के पास शुक्रवार को यूरिया खाद के वितरण के दौरान खाद विक्रेताओं द्वारा खाद की निर्धारित दर से अधिक वसूली करने के विरोध में ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंंने प्रशासन व खाद वितरक के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बस स्टैण्ड से लेकर पुलिस चौकी तक रैली भी निकाली। इस दौरान मुख्य बस स्टैंड पर काफी देर तक जाम लगने की नौबत आई। सूचना पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हरकेश मीना, सहायक कृषि अधिकारी महेश शर्मा, बोरदा कृषि पर्यवेक्षक अंजू मीना ने किसानों से समझाइश की और पुलिस की मौजूदगी में कतार लगवाकर आधार कार्ड से खाद का वितरण कराया।
शिकायतों पर नहीं कार्रवाई
किसानों ने बताया कि मित्रपुरा तहसील क्षेत्र में हो रही खाद की कालाबजारी को लेकर उन्होंने कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार दूरभाष एवं ज्ञापन के माध्यम से शिकायत की। लेकिन अधिकारियों द्वारा न मामले की गंभीरता को समझकर निरीक्षण किया गया न ही उन पर कार्रवाई की गई। इससे उनके हौंसले बुलंद हैं। इससे लोगों में रोष है। उन्होंने जिला कलक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच करा खाद की कालाबाजारी करने वाले डीलरों व विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर कार्रवाई की मांग की है।
नहीं करते समय पर खाद वितरण
ग्रामीणों ने बताया कि मित्रपुरा तहसील मुख्यालय पर खाद के तीन डीलर हैं। इनमें से शुक्रवार को एक डीलर ने खाद वितरण कर दिया, लेकिन बाकी दो डीलरों ने खाद का वितरण नहीं किया। आरोप है कि वे रात के अंधेरे में डीएपी या यूरिया की यहां मजदूरी कर रहे बिहार के लोगों को ब्लैक करके महंगे दामों में बेच देते हैं। विरोध करने पर लड़ाई झगड़ा करने को उतारू हो जाते है। इससे स्थानीय किसानों को या तो खाद नहीं मिल रहा। कई बार मन्नतें करने पर महंगे दामों में खाद खरीदने की मजबूरी हो जाती है।
इनका कहना है
कृषि विभाग के उपनिदेशक व सुपरवाइजर को निर्देर्शित कर जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बद्रीनारायण मीना, एसडीएम बौंली।