टै्रक से नीचे उतारकर कराई जा रही वीआईपी पर्यटकों को सफारी
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में पार्क भ्रमण के दौरान अनियमितताओं का दौर लगातार जारी है। पहले तो वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की ओर से अपने ही विभाग के मुखिया हैड ऑफ दा फोरेस्ट फोर्स (हॉफ) के आदेशों को धता बताकर खुलेआम बेरोकटोक सरकारी जिप्सियों से वीआईपी पर्यटकों को रणथम्भौर अभयारण्य की सैर कराई जा रही है। लेकिन स्थानीय वन अधिकारियों की मनमानी का दौर यहां भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक वन अधिकारी व वनकर्मी पार्क भ्रमण के दौरान वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बनाए गए नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा गत दिनों भी रणथम्भौर में नजर आया। दरअसल शुक्रवार सुबह की पारी के दौरान भी वीआईपी पर्यटकों को सरकारी जिप्सी से पार्क भ्रमण के दौरान नियमों की खुलेआम अवेहेलना की गई। हालांकि इस मामले में अब तक वन विभाग के स्थानीय वन अधिकारी आंखे मंूंदे और चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। ऐसा लगता है मानों रणथम्भौर में नियमों को तोडऩा इस कदर से आम हो गया है कि अब किसी को कोई फर्क ही नहीं पड़ता है।
साइटिंग के लिए टै्रक से नीचे उतारी जिप्सी
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एक वीआईपी पर्यटक को सरकारी जिप्सी से रणथम्भौर के जोन तीन पर भ्रमण पर भेजा गया था। सरकारी जिप्सी में सवार पर्यटक एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बताया जा रहा है। भ्रमण के दौरान बाघ के दीदार करने और बाघ की अठखेलियों को कैमरे में कैद करने के लिए सरकारी जिप्सी के वाहन चालक ने भी वन विभाग के नियमों को परवाह नहीं की और निर्धारित ट्रैक से जिप्सी को नीचे घास में उतार दिया।
यह है नियम
जंगल में भ्रमण के दौरान पर्यटन वाहन टाइगर साइटिंग के लिए केवल वन विभाग की ओर से निर्धारित किए गए ट्यूरिस्ट ट्रैक पर ही वाहनों से भ्रमण कर सकते हैं। भ्रमण के दौरान पर्यटन वाहन को निर्धारित ट्यूरिस्ट ट्रैक से नीचे उतारना प्रतिबंधित है। पूर्व में कई बार रणथम्भौर में वन अधिकारी भ्रमण के दौरान पर्यअन वाहनों को निर्धारित ट्यूरिस्ट ट्रैक से नीचे उतारने पर पर्यटन वाहनों, चालकों व गाइड पर प्रतिबंध लगा चुके है लेकिन अब तो वन विभाग के कार्मिक व अधिकारी ही नियमों की धज्जियां उड़़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं।