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रामेश्वरधाम में हरे राम संकीर्तन को आज 31 वर्ष पूर्ण

रामेश्वरधाम में हरे राम संकीर्तन को आज 31 वर्ष पूर्णत्रिवेणी संगम स्थित चतुर्भुज नाथ मंदिर : कल से 32वें वर्ष में प्रवेश, होंगे कई धार्मिक कार्यक्रम सवाईमाधोपुर. जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र चम्बल, बनास व सीप नदियों के त्रिवेणी संगम स्थल व परशुराम घाट पर स्थित रामेश्वर धाम में श्री चतुर्भुज नाथ मंदिर प्रांगण में चल रह हरे राम संकीर्तन मंगलवार को 31 साल पूर्ण हो जाएंगे। अखण्ड संकीर्तन बुधवार को 32वें साल में प्रवेश करेगा। इस दौरान मंदिर परिसर में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

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रामेश्वरधाम में हरे राम संकीर्तन को आज 31 वर्ष पूर्ण

रामेश्वरधाम में हरे राम संकीर्तन को आज 31 वर्ष पूर्ण

रामेश्वरधाम में हरे राम संकीर्तन को आज 31 वर्ष पूर्ण
त्रिवेणी संगम स्थित चतुर्भुज नाथ मंदिर : कल से 32वें वर्ष में प्रवेश, होंगे कई धार्मिक कार्यक्रम


सवाईमाधोपुर. जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र चम्बल, बनास व सीप नदियों के त्रिवेणी संगम स्थल व परशुराम घाट पर स्थित रामेश्वर धाम में श्री चतुर्भुज नाथ मंदिर प्रांगण में चल रह हरे राम संकीर्तन मंगलवार को 31 साल पूर्ण हो जाएंगे। अखण्ड संकीर्तन बुधवार को 32वें साल में प्रवेश करेगा। इस दौरान मंदिर परिसर में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रीकृष्ण सत्संग प्रचार समिति के सहयोग से कार्यक्रम को संचालक श्रीनारायण शर्मा संभाल रहे हैं।

प्रत्येक गांव के श्रद्धालु निभा रहे जिम्मेदारी

ब्रह्मलीन स्वामी कृष्णानन्द की सत्प्रेरणा से वर्ष 1992 में आंकोदा गांव के तत्कालीन वार्षिक गीतोत्सव कार्यक्रम में दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में निर्णय किया था। तय कार्यक्रम के अनुसार एक मार्च 1992 से रामेश्वर धाम चतुर्भुज नाथ मंदिर परिसर में हरे राम अखण्ड संकीर्तन का श्रीगणेश किया गया। इस कार्य में प्रतिदिन एक एक गांव के दर्जनों लोगों ने संकीर्तन में ड्यूटी देने की सहमति जताई। इसके बाद से तय तिथि अनुसार निरंन्तर क्षेत्र के प्रत्येक गांव से साधकों का समूह दिन के 12 बजे मंदिर पहुंचकर संकीर्तन करता है। यह समूह आगामी 24 घंटे तक अखण्ड संकीर्तन करता है। अगले दिन दूसरे गांव का समूह पहुंचने के बाद उन्हें संकीर्तन की जिम्मेदारी सौंपते है।

त्रिवेणी में स्नान का है महत्व
प्रचारक गणपति प्रसाद शर्मा व पंण्डित मुकुटबिहारी शर्मा बताया कि यहां परशुराम घाटव त्रिवेणी संगम पर स्नान के बाद पंचमुखी शिवङ्क्षलग(रामेश्वरम) तथा चतुर्भुज नाथ के दर्शनों का विशेष महत्व है। ऐसे में यहां प्रतिमाह अमावस्या को मेला लगता है।
यहां मंदिर परिसर मेंं कई दशकों से प्रज्ज्वलित अखण्ड ज्योति, ठाकुरजी श्रीचतुर्भुजनाथ भगवान एवं श्रीरामेŸवरनाथ के घृत दान, दर्शन, अभिषेक आदि करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं
पूर्ण होती हैं।

विश्वकल्याणार्थ देंगे आहुति

पंण्डित मुकुटबिहारी शर्मा ने बताया कि अखण्ड संकीर्तन 32वें वर्ष में प्रवेश के दौरान बुधवार को मंदिर परिसर में कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। सुबह भगवान चतुर्भुजनाथ की विशेष आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। दर्जनों गांवों के लोग मंदिर परिसर में पहुंचकर सामूहिक हरे राम, हरे कृष्ण का सामूहिक संकीर्तन करेंगे। इस दौरान मंत्रोच्चार के साथ मंदिर परिसर में बने धूने में विश्वकल्याणार्थ आहुतियां देंगे। शाम को आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा।