‘कार्यकर्ताओं को नेता नहीं देते सम्मान फिर अधिकारी क्यों सुनेंगे’
प्रभारी मंत्री के सामने प्रधान सहित अन्य कार्यकर्ताओं की नाराजगी का फूटा गुबार
सवाईमाधोपुर जिले के जिला प्रभारी मंत्री भजनलाल जाटव ने शुक्रवार को मलारना डूंगर की अग्रवाल धर्मशाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर संगठन में जान फूंकने का प्रयास किया। ये बात दीगर है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या काफी कम रही। इस दौरान मलारना के प्रधान देवपाल मीना के मन का गुबार भी फूट पड़ा और उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों पर निशाना साधते हुए कार्यकर्ताओं की पीड़ा बयां की। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि यदि सत्तासीन नेता, कार्यकर्ताओं की नहीं सुनेंगे तो अधिकारी क्यों सुनवाई करने लगे। उन्होंने मंत्री के सामने नसीहत दी कि सबसे पहले जरूरी है कि सत्ता व संगठन के लोगों में एकजुटता हो। सत्ताधारी लोगों की ओर से कार्यकर्ताओं को सम्मान मिले, तभी कांग्रेस सफल हो सकेगी। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष घासीलाल बैरवा भी संगठन को मजबूत करने के वादे के साथ खुद की पीड़ा बताने लगे। उन्होंने कहा कि एक महीने से उनके यहां ट्रांसफॉर्मर नहीं लगा है। अधिकारी सुनते नहीं है। संगठन की मजबूती पर चर्चा के बहाने से कार्यकर्ता एक- एक करके अपनी पीड़ा बताने लगे। ज्यादातर ने सत्ता में होने के बावजूद अपने काम नहीं होने, अधिकारियों की ओर से तवज्जो नहीं देने का दर्द बताया।
इस दौरान कुछ ने तो स्थानीय राजस्व अधिकारियों पर कृषि फार्म की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण करवाने के आरोप लगाए। इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि कृषि फार्म की भूमि का सीमा ज्ञान कर अतिक्रमण मुक्त करवाएंगे। दोषियों पर कार्रवाई भी करेंगे।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो कार्यक्रम को सफल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता प्रदेश में कांग्रेस की ही वापस सरकार बनने वाली है। ऐसे में सभी को एकजुटता से जुटना होगा। उन्होंने कहा कि हमको सरकार की योजनाओं को जनता के बीच पहुंचाना चाहिए और उनकी परेशानियों का समाधान कराना चाहिए। उन्होंने भाजपा की जनाक्रोश यात्रा को फ्लॉप शो बताया।
मदरसा पैरा टीचर्स ने किया विरोध
कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे प्रभारी मंत्री भजन लाल को सुबह मदरसा पैराटीचर्स के विरोध का सामना भी करना पड़ा। जैसे प्रभारी मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। पीछे से मदरसा पैराटीचर्स भी सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए पहुंच गए। पैराटीचर्स ने कांग्रेस सरकार पर अल्पसंख्यकों विशेष कर मदरसा व उर्दू टीचरों के साथ भेदभाव के आरोप लगाते हुए नारे लगाए। उनका कहना था कि कांग्रेस ने चुनाव में नियमित करने का वादा किया था, लेकिन सरकार न तो मदरसा पैराटीचारों को नियमित कर रही है ना ही संविदाकर्मी मानने को तैयार है। प्रभारी मंत्री ने उनकी पीड़ा सुनी और सीएम से बात करने का भरोसा दिलाया।