
नहीं थम रहा लंपी संक्रमण, मलारना में 44 गायों की मौत
नहीं थम रहा लंपी संक्रमण, मलारना में 44 गायों की मौत
मलारना चौड़ में बनाया आईसोलेशन सेंटर, एक दिन में 80 संक्रमित गाय चिन्हित, तीन की मौत
सवाईमाधोपुर जिले में लंपी का प्रकोप लगातार फैल रहा है। मलारना डूंगर क्षेत्र में लंपी संक्रमित गोवंश के उपचार के लिए ग्राम पंचायत मलारना चौड़ में पहला आईसोलेशन सेंटर बनाया गया है। यहां पर पहले दिन रविवार को लंपी संक्रमित 80 गोवंश को चिन्हित करके उपचार शुरू किया गया। यह सेंटर पामेला मोहल्ला में अनुपयोगी स्कूल भवन में बनाया गया है। पंचायत समिति क्षेत्र का यह पहला आईसोलेशन सेंटर है। इसमें नवयुवक मंडल गौ सेवा समिति के लोग सेवा दे रहे हैं।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश बैरवा ने बताया कि रविवार को मलारना चौड़ के आईसोलेशन सेंटर में लंपी संक्रमित 80 गोवंश की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। रविवार को लंपी से ग्रसित मलारना चौड व बरियारा गांव में एक- एक गाय की मौत हुई। जबकि सांकड़ा में लावारिस गाय मर गई। रविवार तक उपखण्ड क्षेत्र में 44 गायों की मौत हो चुकी है।
देशी तरीके का कर रहे स्प्रे
यूं तो पंचायत समिति क्षेत्र के गांव व ढाणियों में लंपी पर नियंत्रण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर हाइपोक्लोराइड का छिडक़ाव करवाना था, लेकिन छिडक़ाव को लेकर भी पंचायत समिति प्रशासन पर सुस्ती के आरोप लग रहे है। मलारना चौड़ नवयुवक मंडल गोसेवा समिति के लोगों का कहना है कि सरकारी स्तर पर व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण वे हाईपोक्लोराइड की जगह हल्दी, फिटकरी, तुलसी, नीमगिलोय व लाल दवा ( एन्टीसेफ्टिक सॉल्यूशन ) का मिश्रण कर गोवंश पर छिडक़ाव करवा रहे है।
सरकारी दवा आपूर्ति में सुस्ती, जनसहयोग से खरीद
गोवंश में फैली लंपी बीमारी पर नियंत्रण के लिए सरकारी उदासीनता सामने आ रही है। स्थिति यह है कि पंचायत समिति मलारना डूंगर की 27 ग्राम पंचायतों में उपचार के लिए मात्र एक चिकित्सक नियुक्त है। इसके अलावा राजकीय पशु चिकित्सालयों में सरकारी दवा की आपूर्ति में भी सुस्ती दिख रही है। समय पर पर्याप्त दवा नहीं मिलने से बीमार गोवंश के उपचार में दिक्कत आ रही है। इस स्थिति के बीच मलारना चौड़ नवयुवक मण्डल गोसेवा समिति से जुड़े सदस्य उपचार में मदद कर रहे हैं। गोसेवा समिति के रामावतार सैनी व शेरङ्क्षसह मीना ने बताया कि हम लोग जनसहयोग से दवाई खरीद कर गायों का उपचार करवा रहे है। सरकारी अस्पताल में पर्याप्त दवा नहीं है। दवा की कमी को पशु चिकित्सक ने भी स्वीकारा है।
Published on:
19 Sept 2022 11:08 am
बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
