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कई पंचायतों में मनरेगा मंद

गंगापुरसिटी. गांवों में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) इन दिनों पंचायत समिति क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में मंद गति से चल रही है। मनरेगा की रविवार की ऑनलाइन रिपोर्ट इसकी बानगी है।

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कई पंचायतों में मनरेगा मंद

कई पंचायतों में मनरेगा मंद

गंगापुरसिटी. गांवों में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) इन दिनों पंचायत समिति क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में मंद गति से चल रही है। मनरेगा की रविवार की ऑनलाइन रिपोर्ट इसकी बानगी है।

ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार रविवार को पंचायत समिति क्षेत्र की 38 ग्राम पंचायतों में से दो ग्राम पंचायतों में एक भी श्रमिक नियोजित नहीं है, जबकि शेष 36 ग्राम पंचायतों में 1987 श्रमिक कार्यरत है। इनमें से 9 ग्राम पंचायत तो ऐसी है, जहां श्रमिकों की संख्या एक से दस तक ही है। हालांकि विभगीय अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत पर्याप्त कार्य स्वीकृत है और मांग करने पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।


यहां कम है श्रमिक


ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत चूली और मोहचा में एक भी कार्य संचालित नहीं होने से श्रमिक भी नियुक्त नहीं है। वहीं ग्राम पंचायत उदेई कलां में 2 श्रमिक, खंडीप में 4 श्रमिक, जीवली में 9 श्रमिक, तलावडा में 7 श्रमिक, बड़ौली में 8 श्रमिक, बामन बड़ौदा में 3 श्रमिक, महूकलां में 1 श्रमिक, श्यारौली में 2 श्रमिक तथा हिंगोटया में 1० श्रमिक ही कार्यरत है।


41 हजार जॉब कार्ड


विभागीय सूत्रों के अनुसार पंचायत समिति क्षेत्र में 419०० जॉब कार्ड बने हुए हैं। प्रत्येक परिवार वर्ष में 1०० दिन का रोजगार प्राप्त कर सकता है। पूर्व में योजना के तहत प्रोत्साहन योजना लागू थी, लेकिन वर्तमान में कोई प्रोत्साहन योजना संचालित नहीं है।


खुले में अधिक मजदूरी


जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत निर्धारित टॉस्क पूरी करने पर श्रमिकों को 192 रुपए का भुगतान किया जाता है। इस राशि की तुलना में खुले बाजार में श्रमिकों को अधिक मेहनताना मिलता है। ऐसे में ग्रामीण खुले क्षेत्र में मजदूरी करने को प्राथमिकता देते हैं। दूसरी ओर सिंचाई का दौर भी चल रहा है। गौरतलब है कि योजना के प्रारंभ में बड़ी संख्या में ग्रामीण रोजगार प्राप्त करते रहे हैं।


एक नजर में आंकडे


38ग्राम पंचायत
36 पंचायतों में चल रहे काम
०2 में नहीं कार्य
1987 श्रमिक नियोजित


मांग आधारित योजना
सभी पंचायतों में पर्याप्त कार्य स्वीकृत है। मांग आधारित योजना है, मांग करने पर कार्य उपलब्ध कराया जाता है। ग्राम विकास अधिकारियों को श्रम आधारित कार्य और स्वीकृत कराने व अधिक से अधिक को रोजगार देने के निर्देश दिए हुए है। हालांकि लेबर बजट से अधिक मानव दिवस सृजित हो चुके हैं।
-हरिओम शर्मा, सहायक अभियंता, मनरेगा, पंचायत समिति गंगापुरसिटी।

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