सवाईमाधोपुर. शहर में पुरानी निजामत के पास संचालित सब्जी मण्डी को खाली कराने पहुंची नगरपरिषद की टीम को सब्जी विक्रेताओं का विरोध झेलना पड़ा। कोर्ट के आदेश के बाद नगरपरिष टीम शहर में सब्जी मण्डी को खाली कराने पहुंची तो लोगों ने जमकर हंगामा किया और नगरपरिषद के अधिकारी-कर्मचारियो को भी खरी-खोटी सुनाई। सब्जी व्यवसायी मंडी खाली करने के आदेश से नाराज दिखे।
सब्जी मंडी की जगह खाली करने के विरोध में सब्ती व्रिकेताओं ने जमकर नारेबाजी की। सब्जी व्रिकेताओं ने कहा कि उनको हटाने से पहले दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सब्जी व्रिकेताओं का कहना है कि उन्हें जगह उपलब्ध नहीं कराने पर वह बेरोजगार हो जाएंगे। इससे 60 परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आ जाएगा।
कोर्ट आदेश के बाद पहुंची नगरपरिषद की टीम
जानकारी के अनुसार साल 2002 में राजेन्द्र सूद ने कोर्ट में एक याचिका लगाई थी। इसमें उन्होंने बताया कि पुरानी निजामत की जगह पर लगने वाली सब्जी मंडी की जमीन पार्क के लिए आवंटित की है। ऐसे में इस जगह को खाली करवाकर पार्क बनवाया जाए। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह जगह खाली करने के आदेश पारित किए है। आदेश पारित होने के बाद नगर परिषद ने सब्जी विक्रेताओं को अपने सामान हटाने के लिए बुधवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया था। ऐसे में अब सब्जी व्रिकेता आन्दोलन की राह पर है। सब्जी व्रिकेताओं ने यहां पर सब्जी की ब्रिकी रोक दी है। ऐसे में आगामी दिनों में शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ेेगी।
27 साल से संचालित है सब्जी मण्डी
सब्जी व्यवसायी रामजीलाल ने बताया कि नगर परिषद ने उनको जगह खाली करने के आदेश दिए है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने साल 1996 में यहां मंडी लगवाने के लिए व्यापारियों को जगह मुहैया कराई थी। इसके बाद से विक्रेता सब्जी के ठेले लगा रहे है। अब अचानक कोर्ट का आदेश आने से करीब 60 से 70 लोग बेरोजगार हो गए है। ऐसे में उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
शिफ्ट करने से पहले जगह कराए उपलब्ध
सब्जी व्यापारियों का कहना है कि मंडी शिफ्ट करने से पहले दूसरी जगह जगह उपलब्ध कराई जाए। वरना बड़ा आन्दोलन किया जाएगा। वहीं मामले को लेकर सवाई माधोपुर शहर के सफाई निरीक्षक शिवराम मीणा का कहना है कि मामला लम्बे समय से कोर्ट में था। अब कोर्ट ने सब्जी मंड़ी खाली करवाने के आदेश दिए है। इसके चलते व्यापारियों को सब्जी मंडी खाली करने के निर्देश दिए है। दूसरी जगह का आवंटन का निर्णय उच्च स्तर पर किया जाएगा।