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मनरेगा में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला मेट होना जरूरी

मनरेगा में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला मेट होना जरूरीकलेक्टर ग्रामीण विकास की योजनाओं की प्रगति समीक्षा कर दिए दिशा निर्देश

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मनरेगा में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला मेट होना जरूरी

मनरेगा में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला मेट होना जरूरी

मनरेगा में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला मेट होना जरूरी
कलेक्टर ग्रामीण विकास की योजनाओं की प्रगति समीक्षा कर दिए दिशा निर्देश
सवाईमाधोपुर. जिला कलक्टर राजेन्द्र किशन ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक लेकर जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न विकास और व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलक्टर ने कहा कि मनरेगा में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला मेट होनी चाहिए। बौंली,ंगंगाुपर सिटी खंडार और सवाईमाधोपुर में 50 प्रतिशत से अधिक महिला मेट वर्तमान में कार्यरत हैं। उन्होंने शेष पंचायत समितियों में भी यह लक्ष्य जल्द हासिल करने के पूर्ण प्रयास करने तथा महिला मेट को पर्याप्त प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कलक्टर ने निर्देश दिये कि मनरेगा अधिशासी अभियन्ता सभी लाइन विभागों से समन्वय कर उनके विभागों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में किये जाने वाले विकास और व्यक्तिगत लाभ के ज्यादा से ज्यादा कार्यों को मनरेगा में डवटेल करवाने का प्रयास करें। कलेक्टर ने मनरेगा में कार्यों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। कलक्टर ने बताया कि गत 1 अप्रेल से 21 सितम्बर तक 22 लाख 49 हजार मानव दिवस सृजित हुए हैं। वहीं अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करवाएं

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