
बहुमंजिला इमारत
सवाईमाधोपुर. जिला मुख्यालय पर 15 मीटर से ऊंचे करीब आधे दर्जन से अधिक निजी भवनों में फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं है। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में नगरपरिषद की ओर से गत दिनों कराए गए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इनमें कई बिल्डिंग का निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई का निर्माण के साथ नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। दरअसल, ऊंची बिल्डिंग में अचानक आग की घटनाओं को रोकने एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने को लेकर स्वायत्त शासन विभाग ने यह कवायद शुरू की थी। इसमें सहायक फायर अधिकारी के नेतृत्व में टीम मॉल और बहुमंजिला इमारतों का मुआयना कर अग्निशमन (फायर सेफ्टी) की समुचित व्यवस्था और संसाधन उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे, लेकिन शहर में अधिकतर बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। चिह्नित बिल्डिंगों में एक-दो तो ऐसी है, जहां पर हर समय जानमाल का खतरा होने के बाद भी सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है।
सर्वे में सामने आई थी कमियां
गत दिनों फायर अधिकारी सहित अन्य सदस्यीय टीम ने शहर में 15 मीटर से ऊंचे भवनों को चिह्नित कर सर्वे किया था। संबंधित करीब छह भवनों में फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था और संसाधन उपलब्ध नहीं थे। जानकारी के अनुसार स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव की ओर से हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में नगरपरिषद को आदेश दिए थे। इनमें जांच रिपोर्ट में भवन का पता, निरीक्षण की तिथि, अग्निशमन सुरक्षा उपकरण पर्याप्त है या नहीं। पर्याप्त उपकरण नहीं है, तो की गई कार्रवाई का विवरण और विशेष विवरण अंकित किया गया था।
यह उपकरण नहीं थे
सर्वे के दौरान चिह्नित भवनों में हाइडेंट सिस्टम, होजरी ड्रम, एबीसी टाइप फायर उपकरण, अग्निशमन उपकरण, कार्यकारी स्टाफ के लिए दस्ताने आदि संसाधन व उपकरण नहीं थे।
शहर में सात इमारतें, नहीं सुरक्षा के इंतजाम
नगरपरिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई में सात इमारते हैं। इनमें तीन रणथम्भौर सर्किल, एक टोंक रोड बजरिया मार्केट व तीन बजरिया में कटला में शॉपिंग मॉल्स है, लेकिन इनमें किसी में भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं है।
नगरपरिषद आयुक्त रविन्द्रङ्क्षसह से फायर सेफ्टी संबंधित सवाल-जवाब
1. शहर के अधिकांश भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं है, नगरपरिषद क्या कर रही है
-हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर में 15 मीटर से ऊंचे भवनों में फायर सेफ्टी प्रबंधों की जांच के बाद सर्वे कराया गया था।
3.सर्वे में अब तक कितने भवनों को चिह्नित किया गया है और किस तरह की खामियां मिली है
- जिला मुख्यालय पर रणथम्भौर रोड व बजरिया में करीब सात भवनों को चिह्नित किया गया है। इनमें फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं होने की खामियां सामने आई है।
4. मॉल्स व भवन मालिकों के खिलाफ सर्वे होने के बाद क्या कार्रवाई हुई।
-15 मीटर से ऊंचे 6 भवनों में फायर सेफ्टी के प्रबंध नहीं होने की नगर निकाय को रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। इनके खिलाफ सरकार के आदेश के बाद ही कार्रवाई होगी।
Published on:
26 Feb 2019 02:12 pm

बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
