सवाईमाधोपुर. जिले में इन दिनों मौसमी बीमारियों के बढऩे के साथ ही आई फ्लू का भी प्रकोप तेजी से फैल रहा है। आई फ्लू संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा विद्यार्थियों को सता रहा है, क्योंकि एक ही कक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक साथ बैठते है और एक-दूसरे को स्पर्श भी करते है। ऐसे में विद्यार्थियों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। प्रदेश में बढ़ते आई फ्लू के मामलों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी की है।
ये है गाइडलाइन
यदि कोई विद्यार्थी आईफ्लू से पीडि़त है तो उसे चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार अवकाश दिया जा सकता है। गाइडलाइन में बताया कि विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। विद्यालय स्तर पर बचाव, सतर्कता एवं जागरूकता बनाए रखने के लिए विद्यार्थी स्कूल बैग में स्माल सैनेटाइजर लेकर आएं। उन्हें विद्यालय में थोड़े-थोड़े समय बाद सैनेटाइजर का उपयोग करने का परामर्श दें। इसके अलावा विद्यार्थियों को संक्रमण से बचाव तथा सावधानी रखने संबंधित जानकारी भी दें ताकि उन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सकें।
खाने-पीने की चीजें एक-दूसरे सेे शेयर न करें
गाइडलाइन में बताया कि बच्चे आपस में टिफिन तथा पानी की बोतल व अन्य खाद्य सामग्री को एक-दूसरे के साथ शेयर न करें। इसके अलावा संक्रमित विद्यार्थी से हाथ मिलाने सहित ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जाए जिससे एक विद्यार्थी का दूसरे से स्पर्श हो। सभी संस्था प्रधान अपने विद्यालय में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थीयों को आई फ्लू के लक्षणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें।
ये है आईफ्लू के लक्षण
-आंखे लाल हो जाती है तथा आंखों में सूजन आ जाती है।
-आंखों में खुजली होती है।
-आंखों में पीले रंग का पीप आता है तथा आंखों की पलके आपस में चिपक जाती है।
– बच्चो को आई फ्लू के साथ बुखार भी आ सकता है।
यह है आईफ्लू से बचाव
– हाथों को साबुन या सेनीटाइजर से साफ करें।
-भीड़ वाली जगहों पर न जाएं।
-धूप के चश्में का उपयोग करें।
– चिकित्सक की सलाह से दवा लें।
-आखों से साफ पानी से धोएं।
-अपने वातावरण को साफ रखें।
फैक्ट फाइल…
-जिले में कुल संचालित सरकारी स्कूल-1024
– कुल विद्यार्थियों की संख्या-डेढ़ लाख
– जिला अस्पताल में आ रहे आईफ्लू के मरीज-300 से 400
इनका कहना है…
स्कूलों में आईफ्लू से बचाव के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। शिक्षा विभाग से गाइडलाइन भी जारी कर दी है। विद्यार्थियों की मॉनिटरिंग करने व आईफ्लू से पीडि़त बच्चो को तुरंत चिकित्सा परामर्श की सलाह दे रहे है।
गोविंद बंसल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, सवाईमाधोपुर
सावधानी बरना जरूरी
इन दिनों आईफ्लू का प्रकोप चल रहा है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल में भी इन दिनों प्रतिदिन 300 से 400 आईफ्लू के मरीज आ रहे है। आंखों को बार-बार न छुएं और न ही रगड़ें। आंखों से पानी निकले तो उसे साफ टिशू पेपर या रूमाल से पोंछे। बाहर निकलने पर चश्मा लगाकर निकलें।
धनराज गुप्ता,नेत्र अधिकारी, सामान्य चिकित्सालय, सवाईमाधोपुर