
बिजली गुल
मलारना डूंगर. विद्युत निगम अधिकारियों की मनमानी आमजन पर भारी पड़ रही है। यही वजह है कि बुधवार को दिनभर बिजली गुल रही। शाम 5 बजे निगम के आला अधिकारी भाड़ौती के 132 केवी जीएसएस पर पहुंचे।तब कहीं जा कर बिजली सप्लाई शुरू की गई। लोगों ने जब निगम के भाड़ौती कनिष्ठ अभियन्ता दीपक साहू से लम्बे समय से बिजली गुल होने का कारण जानना चाहा तो उन्होंने गैर जिम्मेदाराना ढंग से जवाब दिया कि बिजली का क्या करोगो। ऐसे में निगम अधिकारियों की मनमानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुबह 3 बजे गुल हुई बिजली
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार सुबह 3 बजे बूंदाबूंदी के दौरान अचानक मलारना डूंगर उपखण्ड क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सुबह तक भी बिजली नहीं आई तो ग्रामीणों ने निगम कर्मियों से बिजली सप्लाई चालू करने को कहा। इस पर निगम कर्मियों ने 33 केवी लाइन में फाल्ट आने की बात कही। दोपहर एक बजे भाड़ौती निगम के कनिष्ठ अभियन्ता ने 132 केवी विद्युत स्टेशन पर लाइन का क्लियरेंस देकर सप्लाई शुरू करवाई, लेकिन बिजली सप्लाई पुन: बन्द हो गई। इसके बाद फिर 132 से सप्लाई बन्द कर दी गई। उधर जैसे जैसे समय निकलता गया, लोगों के सब्र का बांध भी टूट गया। लोगों ने जब निगम अधिकारियों को फोन किया तो अधिकारी एक दूसरे के ऊपर टालते रहे। इस दौरान भाड़ौती कनिष्ठ अभियन्ता दीपक साहू 132 केवी पर बैठे अधिकारी पर सप्लाई चालू नहीं करने का आरोप लगाते रहे। जबकि 132 जीएसएस पर तैनात सहायक अभियन्ता लाइन में फाल्ट बताते रहे। उन्होंने कहा कि लगभग सवा तीन बजे सप्लाई शुरू की थी, 9 मिनट बाद ही पुन: लाइन बैठ गई। शाम तक अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते रहे। इसके बाद ग्रामीणों ने बिजली निगम के उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद निगम के एक जिला स्तरीय अधिकारी भाड़ौती पहुंचे तब बिजली सप्लाई शुरू हुई।
शिवाड़ में तीन दिन से बिजली गुल, लोग परेशान
सवाईमाधोपुर. शिवाड़ कस्बे में विद्युत निगम अधिकारियों की लापरवाही से बिजली आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है। पिछले तीन दिन से तो आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित है। मंगलवार रात एक फेस लाइट पूरी रात नहीं आया, इसे सुबह 10 बजे ठीक कराया गया। लोगों ने बताया कि रात में और जल्दी सुबह कोई विद्युतकर्मी कार्य करने के लिए उपलब्ध नहीं है। रात 12 बजे से शिवाड़ में लाइट फाल्ट के कारण नही आई। इसे सुबह सुधारा गया। इसके बाद भी बिजली नहीं आई। इसका कारण निवाई से झिलाई के बीच खराबी बताई गई। इसके बाद दस मिनट लाइट चालू हुई, लेकिन कम वोल्टेज आया। इसके बाद वापस निवाई से लाइट काट दी गई, जो दोपहर में एक बजे सुचारू हुई।
एक-दूसरे पर डालकर झाड़ते रहे पल्ला : लोगों ने बताया कि विद्युत निगम अधिकारी-कर्मचारी कस्बे में बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। बार-बार बिजली कटौती होने, कम वोल्टेज आने एवं शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण शिवाड़, झिलाई और निवाई अधिकारियों को फोन करते रहे लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारी-कर्मचारी एक-दूसरे पर डालकर पल्ला झाड़ते रहे। इससे लोगों में रोष बना है।
नहीं बैठते अधिकारी-कर्मचारी : लोगों ने बताया कि यहां एक लाइनमैन कार्यरत है, जो दिन में 12 बजे शिवाड़ आता है और अपराह्न 3 बजे ही वापस चला जाता है। वहीं निगम जेईएन भी समय पर कार्यालय में नहीं बैठते है। फोन करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करते है।
आधे घंटे आई फिर चली गई बिजली : लोगों ने बताया कि बुधवार दोपहर एक बजे वापस बिजली आई, लेकिन आधे घंटे बाद ही वापस चली गई। इसके बाद शाम छह बजे तक भी बिजली नहीं आई।
शहर वार्ड नम्बर 22 में भी बिजली गुल : शहर में वार्ड नं.22 में सुबह 10 बजे बिजली गुल हो गई थी, जो शाम तक भी बहाल नहीं हो सकी। इससे लोगों में रोष बना रहा।
33 केवी लाइन में फाल्ट के कारण बिजली सप्लाई बन्द हुई है। कनिष्ठ अभियन्ता के कहने पर दो बार सप्लाई शुरू की, लेकिन फिर सप्लाई बन्द हो गई। ये मेरे ऑफिस में बैठ कर क्लियरेन्स दे रहे हैं। फील्ड में नहीं गए। नियम अनुसार उच्च अधिकारी के मौके पर आकर क्लियरेन्स देने पर ही सप्लाई शुरू हुई है।
सुरेश मीणा, सहायक अभियन्ता, 132 विद्युत स्टेशन भाड़ौती
बिजली का क्या करोगे। मैं 132 पर बैठा हूं। यहां से सप्लाई चालू नहीं कर रहे हंै। हमने लाइन में फाल्ट निकाल दिया है।
दीपक साहू, कनिष्ठ अभियन्ता, विद्युत वितरण निगम भाड़ौती
Published on:
13 Dec 2018 02:01 pm
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