सवाईमाधोपुर. एनटीसीए व वन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में अन्य विभागों की तर्ज पर साप्ताहिक अवकाश घोषित करने और एक जुलाई से हर बुधवार को प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व व अभयारण्यों में पर्यटन गतिविधियों को बंद करने के वन विभाग के निर्णय का रणथम्भौर में विरोध शुरू हो गया है। रणथम्भौर में पर्यटन वाहन मालिक, चालक व पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की ओर से इस निर्णय का विरोध किया जा रहा है। साथ ही इस निर्णय को पर्यटन विरोधी बताकर वापस लेने की मांग की जा रही है। ऐसे में राजस्थान पत्रिका ने शनिवार को रणथम्भौर में पर्यटन से जुड़े लोगों से बात कर उनकी राय जानी पेश है एक रिपोट…र्
प्रदेश के पर्यटन को खत्ूम करने वाला निर्णय
प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में हर बुधवार को पर्यटन बंद रखने का निर्णय बिल्कुल अच्छा निर्णय नहीं है । सरकार द्वारा यह राजस्थान टूरिज्म को खत्म करने वाला निर्णय है। लोग छुट्टी बिताने यहां आते हुए हैं और पार्क की ही छुट्टी हो रही है बताओ और स्थानीय लोग जो जंगल से जुड़े हैं उनके बहुत बुरा असर पड़ेगा । उनका रोजगार फिर से कम हो जाएगा।
– रामलखन मीणा,कोषाध्यक्ष, वाहन मालिक यूनियन।
पर्यटकों पर पड़ेगा आर्थिक भार
एनटीसीए और सरकार के इस निर्णय से पर्यटकों को एक दिन बेवजह होटलों में रुकना होगा। जो कि एक अतिरिक्त आर्थिक भार है। क्योंकि कई पर्यटको की लगातार 4 से 5 सफारी या इससे भी ज्यादा सफारी बुक होती है। जिससे उनके सफारी प्लान गड़बड़ होने के पूरे आसार हैं ।साथ ही स्थानीय लोगों के पास आजीविका का एकमात्र संसाधन पर्यटन है । इससे स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा।
– इकरामुदीन खान, उपाध्यक्ष, रणथम्भौर जंगल सफारी व्हीकल ऑनर्स यूनियन।
पर्यटक होंगे डायवर्ट
एनटीसीए की ओर से केवल राजस्थान के टाइगर रिजर्व में ही साप्ताहिक अवकाश को लागू किया जा रहा है । जबकि एमपी व अन्य प्रदेशों में अब तक इस प्रकार के कोई आदेश जारी नहीं किए गए है। ऐसे में रणथम्भौर व प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व में भ्रमण पर आने वाले पर्यटक अन्य राज्यों के टाइगर रिजर्व की ओर डायवर्ट हो जाएंगे और रणथम्भौर सहित प्रदेश के वाइल्ड लाइफ ट्यूरिज्म पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा, वनविभाग व सरकार को इस पर पुन: विचार करने की दरकार है।
– रफीक मोहम्मद, अध्यक्ष, रणथम्भौर नेचर गाइड एसोसिएशन, सवाईमाधोपुर।
एक माह का सीजन हो जाएगा कम
सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। रणथम्भौर में पहले ही के वल नौ माह का सीजन रहता है। ऐसे में हर बुधवार को पर्यटन बंद करने से एक माह की कटौती ओर हो जाएगी। इससे रणथम्भौर की छवि पर भी विपरीत असर पड़ेगा और पर्यटकों को रणथम्भौर से मोह भंग हो जाएगा। सरकार को इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लेने चाहिए ताकि पर्यटन से जुड़े लोगों को राहत मिल सके।
– शशांक सारस्वत, टे्रवल एजेंट, सवाईमाधेापुर।