
रोग उपचार में रास आ रही आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा विधि
रोग उपचार में रास आ रही आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा विधि
जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में प्रतिमाह 150-200 मरीजों का होता नि:शुल्क उपचार
सवाईमाधोपुर. जटिल बीमारियों के उपचार के लिए आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा पद्धति लोगों को इन दिनों रास आ रही है। शहर में अ श्रेणी के राजकीय जिला आयुर्वेद अस्पताल में पंचकर्म चिकित्सा यूनिट में प्रति माह करीब 150- 200 रोगियों का उपचार किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इस विधि से उन्हें काफी राहत मिली है।
वर्तमान में कमर दर्द, सर्वाइकल, घुटनों का दर्द, माइग्रेन जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। दर्द निवारक गोलियों के अलावा इनसे राहत का कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा विधि को लोग पसंद कर रहे हैं। शहर के आयुर्वेद चिकित्सालय में इस विधि से अक्टूबर से 12 नवंबर तक करीब 150 लोगों का इलाज किया तो उनको राहत भी मिली। विभाग के अधिकारी बताते हैं कि पंचकर्म ओपीडी में रोज ऐसे अनेक मरीज आ रहे, जो लंबे समय से बीमारियों से पीडि़त हैं।
पुराने भवन में चल रही ओपीडी
फिलहाल शहर के पुराने आयुर्वेद औषधालय में पंचकर्म यूनिट संचालित है। हालांकि यहां पर्याप्त जगह नहीं होने से असुविधा है। यहां पर्याप्त स्थान वाले भवन में आयुर्वेद औषधालय संचालित है, जबकि दूसरे भवन के एक हॉल तथा कमरे में पंचकर्म यूनिट है, जो पर्याप्त नहीं है। चिकित्साधिकारियों के अनुसार 50 बेड के अस्तपाल भवन निर्माण के बाद पंचकर्म के लिए पर्याप्त जगह मिल पाएगी।
फ्री में उपचार से राहत मिलने पर बढ़ा रुझान
पंचकर्म यूनिट के सह प्रभारी भानू त्रिवेदी ने बताया कि पंचकर्म से बीमारियों के मुफ्त में उपचार के बाद राहत मिलने के कारण अधिक मरीज उपचार के लिए आने लगे हंैं। उन्होंने बताया कि शिरोधारा थैरेपी के लिए दूसरे शहरों में निजी केन्द्रों पर दो हजार से अधिक शुल्क वसूला जाता है। विभिन्न बीमारियों, जिनमें गठिया बाय, कमर दर्द, मासपेशियों में खिचाव, रांघड बाय, सर्वाइकल व घुटनों के दर्द का उपचार भी फ्री में करने और ऐसे मरीजों को राहत मिलने के बाद मरीजों का रुझान बढ़ा है। पंचकर्मा में विभिन्न बीमारियों का उपचार स्वेदन, स्त्रेहन, कटिबस्ति, जानुबस्ति, सर्वांग स्वेदन व रक्त मोक्षण समेत अनेक विधियों के माध्यम से किया जाता है। 15 मिनट से लेकर आधा घंटे तक की उपचार प्रक्रिया होती है। कमरदर्द का कटिबस्ति थैरेपी से इलाज किया
जाता है।
7 साल में 15 हजार रोगियों का उपचार
पंचकर्म यूनिट के सह प्रभारी भानू त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2015 में पंचकर्म यूनिट शुरू होने पर करीब दो वर्ष तक रोगी कम आए। धीरे-धीरे रोगियों को लाभ मिलने से आवक बढ़ी है। अब प्रतिमाह 150-200 रोगियों का उपचार किया जा रहा है। यूनिट में तत्कालीन जिला कलकटर नन्नूमल पहाडिय़ां, पुलिस अधीक्षक राजेश ङ्क्षसह, सीसीएफ वाई साहू सहित कई अधिकारियों ने पंचकर्म यूनिट में उपचार कराया। उन्हें अब किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
पंचकर्म से मरीजों को पूरा लाभ मिल रहा है। अक्टूबर से 12 नवम्बर तक करीब 200 मरीज उपचार को आए। पंचकर्म से संबंधित दवाइयों के लिए भी डिमांड भेजी है। महिलाओं व पुरुषों की सुविधा का ध्यान रखते हुए अलग से वार्ड बनाए हैं। फि लहाल जगह कम है। इसे बढ़ाया जाएगा।
बालकिशन शर्मा, पंचकर्मा विशेषज्ञ एवं यूनिट प्रभारी, राजकीय जिला आयुर्वेद अस्पताल सवाईमाधोपुर।
Published on:
16 Nov 2022 10:40 am
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