गंगापुरसिटी . राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग (समेकित बाल सेवाएं) की दो परियोजनाओं को मिलाकर एक तो कर दिया, लेकिन दूसरी परियोजना का रिकॉर्ड कमरे में बंद है। ऐसे में बिना रिकॉर्ड एक ही परियोजना संचालित हो पा रही है। खास बात यह है कि शहरी परियोजना का स्टाफ तो हटा दिया, लेकिन उसका रिकॉर्ड अभी तक ग्रामीण परियोजना को नहीं दिया है। ऐसे में शहरी योजना का काम ठप पड़ा है।
गंगापुरसिटी . राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग (समेकित बाल सेवाएं) की दो परियोजनाओं को मिलाकर एक तो कर दिया, लेकिन दूसरी परियोजना का रिकॉर्ड कमरे में बंद है। ऐसे में बिना रिकॉर्ड एक ही परियोजना संचालित हो पा रही है। खास बात यह है कि शहरी परियोजना का स्टाफ तो हटा दिया, लेकिन उसका रिकॉर्ड अभी तक ग्रामीण परियोजना को नहीं दिया है। ऐसे में शहरी योजना का काम ठप पड़ा है।
मर्ज की गई शहरी परियोजना की दो महिला सुपरवाइजर, एकाउंटेंट, एलडीसी, यूडीसी एवं सीडीपीओ का तबादला कर अन्यत्र लगा दिया है, लेकिन यहां कार्यरत कार्यकर्ता, सहायिका एवं सहयोगिनी का काम रामभरोसे चल रहा है। वजह, न तो यहां निरीक्षणकर्ता बचे हैं और न ही कोई देखरेख करने वाला अधिकारी। ग्रामीण परियोजना के पास इनका कोई रिकॉर्ड नहीं पहुंचा है। ऐसे में ग्रामीण परियोजना के अधिकारी भी इनकी मॉनीटरिंग नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण अब तक शहरी परियोजन में हो रहा काम करीब-करीब ठप सा पड़ा है।
यह किया था सरकार ने
राज्य सरकार ने कुछ दिन पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग (समेकित बाल सेवाएं) की दो परियोजनाओं को मिलाकर एक कर दिया। प्रदेशभर की 21 परियोजनाओं को समाप्त कर 21 ही नई परियोजनाएं नवसृजित की गई हैं। गंगापुरसिटी में शहरी और ग्रामीण की एक ही परियोजना कर दी गई। इसके आदेश 1 सितम्बर को जारी हो गए। अब तक दो परियोजनाओं का काम अलग-अलग हो रहा था। इसे दो सीडीपीओ संचालित कर रहे थे। साथ ही कार्यकर्ता और सहायिका भी अलग-अलग परियोजनाओं के हिसाब से काम कर रही थीं, लेकिन अब इन सबको मिलाकर एक ही कर दिया गया है। शहरी परियोजना का कोई लेखा-जोखा ग्रामीण परियोजना के पास अब तक नहीं पहुंचा है। ऐसे में यहां काम ढर्रे पर होता नजर नहीं आ रहा।
इस मामले में सीडीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग गंगापुरसिटी सत्यप्रकाश शुक्ला का कहना है कि शहरी परियोजना के अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। डाटा ऑनलाइन होना है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि हमें शहरी परियोजना का रिकॉर्ड जल्द मिल जाएगा।