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रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर किए दर्शन

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु: रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम पर लगा कार्तिक मेला

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रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर किए दर्शन

Rameshwar Dham

खण्डार. त्रिवेणी संगम रामेश्वरधाम तीर्थ स्थल पर ग्राम पंचायत अनियाला के तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय लक्खी मेले में पूर्णिमा पर मंगलवार को पुण्य स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। कार्तिक पूर्णिमा व मुख्य मेले में राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के दूरदराज के हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। मुख्य मेले के दिन ग्राम पंचायत एवं प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए।

त्रिवेणी संगम एवं परशुराम घाट पर कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने दीपदान किया। लोगों ने मछलियों को आटा डालकर पुण्य कमाया। मेले में उपखण्ड अधिकारी रतनलाल अटल, मेला प्रभारी तहसीलदार देवीसिंह, विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद बैरवा, ग्राम विकास अधिकारी शिवशंकर गोचर आदि लोग मौजूद रहे।

भजन संध्या ने बांधा समा
मेले के दूसरे दिन सोमवार को रात्रि में भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक अशोक बैरवा रहे। भजन संध्या कोटा के म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा की गई। भजन संध्या में गायक कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत भजनों ने लोगों को देर रात तक बांधे रखा।

मंदिर में सजाई फूल बंगला झांकी
मंदिर पुजारी पवन शर्मा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान चतुर्भुज नाथ की पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद मंगला आरती की गई। सुबह 7 बजे शृंगार आरती की गई। इसके बाद 9 बजे फूल बंगला झांकी सजाई गई। इसके पश्चात भक्तों के लिए दर्शन खोल दिए गए।"

जेबकतरों ने किए हाथ साफ
मेले में जेब तराश सक्रिय रहे। जेब कतरों के शिकार अधिकांशत मध्यप्रदेश से आने वाले लोग हुए। इसीप्रकार प्रशासन ने नदी के घाटों पर तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, लेकिन यातायात व्यवस्था गड़बड़ रही। मेले में ओवर लोड वाहन सरपट दौड़ रहे थे। यातायात पुलिस की कमी के कारण वाहनों की लगातार लम्बी लाइनें लगी मिली। जाम बार बार लगता दिखाई दिया।

जमकर हुई खरीदारी
मेले में ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। राजस्थान के लोगों ने नावों में बैठकर नदी पार करके मध्यप्रदेश में जाकर रसोई के सामानों की खरीददारी की। दुकानदारों ने बताया कि इस बार बारिश की अधिकता से किसानों की फसल चौपट हो गई, जिस कारण से मेले में अपेक्षा से कम लोग दिखाई दिए।