सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में बाघों का कुनबा बढऩे के साथ ही अब वन विभाग के प्रयासों के चलते वन क्षेत्र में भी इजाफा होने लगा है। ऐसे में बाघ- बाघिनों व अन्य वन्यजीवों को भी बेहतर पर्यावास मिलने की उम्मीद जगी है। वनाधिकारियों ने बताया कि पिछले दो साल में रणथम्भौर बाघ परियोजना में करीब 30 वर्ग किमी वन क्षेत्र मेें इजाफा हुआ है। वन विभाग की माने तो विभाग की ओर से लगातार वन क्षेत्र में इजाफा करने और बाघ बाघिनों को बेहतर पर्यावास उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
तालडा रेंज में किया पौधारोपण
वन अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से वन क्षेत्र में इजाफा करने के लिए हाल ही में रणथम्भौर की तालडा रेंज के पहाड़ी क्षेत्र में में पौधारोपण का कार्य किया गया है। इसके अलावा आरओपीटी, कुण्डेरा, खण्डार आदि रेंज में भी लगातार कार्य किया जा रहा है।
पूर्व में वन विभाग ने किया था करार
पूर्व में वन विभाग ने प्रदेश भर में हरियाली व वन क्षेत्र में इजाफा करने के लिए फ्रांस की एक एजंसी भी करार किया था। इसके तहत प्रथम चरण में सवाईमाधोपुर के साथ- साथ प्रदेश के कुल 19 जिलों में पौधारोपण का कार्य किया जाना था। पांच साल की इस परियोजना का लक्ष्य प्रदेश में वन क्षेत्र में वृद्धि करना ही था।
तीन गांवों का जल्द होगा विस्थापन
वन विभाग की ओर से अब एक बार फिर से वन क्षेत्र मेंइजाफा करने के लिए रणथम्भौर बाघ परियोजना के आसपास बसे गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। विभाग की ओर से इसके तहत तीन गांवों का सर्वे करके रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भी भेज दी गई है ऐसे में अब जल्द हीरणथम्भौर बाघ परियोजना में गांवों का विस्थापन फिर से शुरू होने की उम्मीद है और इससे वन क्षेत्र मेंइजाफा होने के साथ ही वन्यजीवों को भी बेहतर पर्यावास मिल सकेगा। इसके साथ ही विभाग की ओर से वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर वन क्षेत्र विकसित करने की दिशा में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
ये हैं आंकड़े…
यह हैं देश में वन क्षेत्र की स्थिति
80.9 मिलियन हेक्टयर
24.62 प्रतिशत है देश में कुल वन क्षेत्र
1654.96 वर्ग किमी है प्रदेश में कुल वन क्षेत्र
4.87 प्रतिशत वन क्षेत्र है प्रदेश में
16629.51 वर्ग किमी था प्रदेश में कुल वन क्षेत्र 2019 में
4.86 प्रशित वन क्षेत्र था प्रदेश में 2019 में
1987 में पहली बार जारी हुई फोरेस्ट सर्वे ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट
रणथम्भौर बाघ परियोजना….
1734 वर्ग किमी रणथम्भौर का कुल क्षेत्रफल
392 वर्ग किमी कोर एरिया
2008 में सीटीएच का निर्माण
62 गांव है रणथम्भौर बाघ परियोजना में
5 गांवों का किया गया है अब तक विस्थापन
2017 में आखिरी बार किया गया था विस्थापन
इनका कहना है…
विभाग की ओर से वन क्षेत्र में वृद्धि करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। पिछले कुछ सालों में वन क्षेत्र में इजाफा भी हुआ है। जल्द ही गांवों का विस्थापन करके इसमें और अधिक वृद्धि की जाएगी।
– मोहित गुप्ता, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।