श्रद्धापूर्वक की जैन मुनि की महाआरती51वें पदारोहण दिवस में श्रद्धालुओं की रही भीड़सवाईमाधोपुर. सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा जैन मुनि विद्यासागर के 50वां स्वर्णिम आचार्य पद पूर्ण करने व 51 वां पदारोहण दिवस के आयोजन में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान नगर परिषद क्षेत्र के जिनालयों में जैन मुनि विद्यासागरजी की अष्ट द्रव्यों से पूजन कर उनकी सफ ल साधना एवं यशस्वी जीवन की जिनेंद्र देव से कामना की गई। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी परिसर में शाम को सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया।
श्रद्धापूर्वक की जैन मुनि की महाआरती
51वें पदारोहण दिवस में श्रद्धालुओं की रही भीड़
सवाईमाधोपुर. सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा जैन मुनि विद्यासागर के 50वां स्वर्णिम आचार्य पद पूर्ण करने व 51 वां पदारोहण दिवस के आयोजन में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान नगर परिषद क्षेत्र के जिनालयों में जैन मुनि विद्यासागरजी की अष्ट द्रव्यों से पूजन कर उनकी सफ ल साधना एवं यशस्वी जीवन की जिनेंद्र देव से कामना की गई। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी परिसर में शाम को सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ चमत्कारजी मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष नरेश बज व सर्वार्थसिद्धि तीर्थ क्षेत्र समिति रणथंभौर के महामंत्री पारस बड•ाात्या द्वारा जैन मुनि के चित्र अनावरण व दीप प्रज्जवलन कर किया। इस मौके पर मंगलाचरण के कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भक्ति का माहौल नजर आया। लोग आस्था के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
जैन भजनों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी परिसर में शाम को सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया।
सर्वार्थसिद्धि नवयुवक मंडल रणथंभौर के संरक्षक विनय पापड़ीवाल, महासमिति महिला प्रकोष्ठ मंत्री मंजू पहाडिय़ा, कोषाध्यक्ष ङ्क्षरकू संघी व नीलिमा कासलीवाल द्वारा एक से बढकऱ जैन भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस बीच मुनि की सामूहिक आरती उतारी। मंच संचालन सर्वार्थ सिद्धि नवयुवक मंडल के मंत्री राजेश बाकलीवाल ने किया। इस दौरान समाज के महामंत्री योगेंद्र पापड़ीवाल, सर्वार्थसिद्धि तीर्थ क्षेत्र समिति रणथम्भौर के कोषाध्यक्ष तरुण बज, नवयुवक मंडल अध्यक्ष दिनेश बज, सेवा मंडल चमत्कारजी अध्यक्ष हरसीलाल जैन, सर्वार्थ सिद्धि महिला मंडल अध्यक्ष सरोज कासलीवाल, महामंत्री गुणमाला अजमेरा, संगठन मंत्री महिमा कासलीवाल आदि मौजूद थे।