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महिलाओं को मुफ्त कानूनी मदद का अधिकार

बामनवास (गंगापुरसिटी) . महिलाओं को कानूनी मदद मुफ्त पाने का अधिकार है तथा यदि किसी महिला के साथ किसी प्रकार का अपराध हो जाता है तो वह क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल में भी सूचना दे सकती है। स्थानीय तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष मनमोहन चंदेल ने सोमवार को विधिक जागरुकता शिविर के दौरान संबोधन करते हुए यह जानकारी दी।

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महिलाओं को मुफ्त कानूनी मदद का अधिकार

बामनवास (गंगापुरसिटी) . महिलाओं को कानूनी मदद मुफ्त पाने का अधिकार है तथा यदि किसी महिला के साथ किसी प्रकार का अपराध हो जाता है तो वह क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल में भी सूचना दे सकती है। स्थानीय तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष मनमोहन चंदेल ने सोमवार को विधिक जागरुकता शिविर के दौरान संबोधन करते हुए यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि सुप्रिम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक दिल्ली लीगल सर्विस अथॉरिटी राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना की गई है। इसके अलावा 100 नम्बर अथवा महिला हैल्प लाइन नम्बर 1091 पर भी सातों दिन चौबीस घंटे कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इसके अलावा संपत्ति का अधिकार, मुफ्त कानूनी मदद का अधिकार, पिता की संपत्ति पर अधिकार, मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के तहत मातृत्व संबंधी अधिकार, गरिमा और शालीनता के लिए अधिकार, समान वेतन अधिनियम 1976 के तहत समान वेतन प्राप्त करने का अधिकार आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई बार रेप की शिकार महिलाएं पुलिस जांच, मुकदमे के झंझट एवं बदनामी के डर से बचने के लिए शिकायत दर्ज नहीं कराती। हाल ही में सरकार द्वारा नया नियम लागू किया गया है जिसके तहत रेप केस की सुनवाई संभवतया महिला जज द्वारा की जाएगी। पीडि़ता का बयान भी महिला पुलिस द्वारा ही लिया जाएगा। पीडि़ता के बयान परिजनों की मौजूदगी में होंगे तथा दो माह में सुनवाई पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।

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