सवाईमाधोपुर. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) आरपीएससी परीक्षा रविवार को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जिले में शांतिपूर्वक हुई। परीक्षा के लिए सवाईमाधोपुर व चौथकाबरवाड़ा में कुल 43 केन्द्र बनाए थे। इनमें 39 परीक्षा के जिला मुख्यालय पर और चार केन्द्र चौथकाबरवाड़ा में थे। आरएएस परीक्षा के लिए जिले में कुल 10 हजार 797 पंजीकृत थे। इनमें से 7 हजार 331 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 3166 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
सुबह नौ बजे दिया प्रवेश
इससे पहले सुबह नौ बजे से परीक्षार्थियों को कड़ी जांच के बाद अंदर प्रवेश दिया। पुरूष कांस्टेबल ने छात्र अभ्यर्थियों एवं महिला कांस्टेबल ने छात्रा अभ्यर्थियों की केन्द्रों के बाहर गेट पर जांच कर ही अंदर प्रवेश दिया। ऐसे में आरएएस की परीक्षा देने पहुंचे कई परीक्षार्थी निर्धारित समय से पहले ही केन्द्रों पर पहुंच गए। ऐसे में कई परीक्षार्थी दस बजे बाद पहुंचे तो उनको प्रवेश नहीं दिया।
केन्द्र पर दिखा भेदभाव
आरपीएससी परीक्षा में रविवार को ठींगला स्थित एक परीक्षा केन्द्र पर भेदभाव का मामला सामने आया है। यहां ठींगला में राधाकृष्ण टीटी कॉलेज में परीक्षा केन्द्र पर नौ से दस बजे तक ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया। दस बजे बाद आने वाले करीब आठ से दस परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया, जबकि करीब सवा दस बजे एक महिला कांस्टेबल भी केन्द्र पर देरी से पहुंची। वह कुछ देर तो अन्य परीक्षार्थियों के साथ गेट के बाहर ही खड़ी रही। लेकिन बाद में उसने कंट्रोल रूम सहित पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। बाद में महिला कांस्टेबल को अंदर प्रवेश दे दिया। कुछ परीक्षार्थियों ने इसका विरोध किया। महिला कांस्टेबल को तो अंदर जाने दिया और हमको बाहर क्यों रखा। लेकिन उन परीक्षार्थियों की एक नहीं सुनी।