सवाईमाधोपुर. शहर का विकास का दंभ भरने वाली नगरपरिषद का खजाना खाली है वहीं राजस्व की बढ़ोतरी के लिए भी खास प्रयास नहीं किए जा रहे है। इससे शहर के विकास कार्यों को भी ग्रहण लगा है। उधर, नगरपरिषद पहले ही राजस्व बढ़ोतरी नहीं कर रही है, वहीं दूसरी ओर नीलामी नहीं होने से परिषद में लंबे समय से जब्त सामान कबाड़ हो रहा है।
जब्त वाहनों की नीलामी नहीं होने से नगरपरिषद परिसर में कबाडख़ाना बना हैं। विभिन्न जब्त सामानों की नीलामी नहीं हो पा रही है। इसमें कबाड़ हो चुकी लोहे की चादर, हाथ ठेला गाड़ी,बड़ी-बड़ी डस्टबीन समेत अन्य सामान धूल फांक रहे है और जंग खा रहे है।
राजस्व संग्रहण पर ध्यान नहीं
नगरपरिषद का इन दिनों राजस्व संग्रहण पर कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में शहर में सौन्दर्यकरण, सडक़ निर्माण आदि के विकास कार्यों नहीं हो पा रहे है। यदि तरीके से कबाड़ सामान का निस्तारण किया जाता है तो परिषद के राजस्व में इजाफा हो सकता है। परिषद में इनका सही से रखरखाव भी नहीं होता है। पूर्व में कई बार अधिकारियों की ओर से प्रयास भी किए लेकिन उनका तबादला होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
सभागार भी बना है कबाड़
नगरपरिषद की अनदेखी का आलम यह है कि यहां सभागार भी कबाड़ हो चुका है। सभागार के बाहर ताला लटका है। वहीं लोहे, बैनर व अन्य सामान भी इधर-उधर ही बिखरे पड़े है। स्थिति यह है कि परिषद का सभागार कबाड़ होने से बोर्ड की बैठकें भी अन्य स्थानों पर हो रही है। परिषद का सभागार देखरेख के अभाव में धूल फांक रहा है।
इस तरह होता निस्तारण
नगरपरिषद में लंबे समय से जब्त सामान का कबाड़ धूल खा रहा था। पहले खुली नीलामी के लिए शहर में ऑटों से पूरे शहर में इसकी घोषणा की जाती। इसके बाद एक दिन तय कर खुली नीलामी की जाती है। वहीं यह बोली उसकी न्यूनतम दर पहले निश्चित कर शुरू होती है। बाजार भाव तय होता है। लेकिन इस तरह का कुछ भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में नगरपरिषद को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
इनका कहना है…
नगरपरिषद में जब्त सामान की जल्द ही नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पूर्व में भी नीलामी के प्रयास किए गए थे लेकिन असफल रहा। अब पुन:नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभागार को भी ठीक कराया जाएगा।
फतेसिंह मीणा, आयुक्त, नगरपरिषद सवाईमाधोपुर