मॉर्निंग वॉक पर निकले पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी रविवार अलसुबह जिला मुख्यालय से चलकर साइकिलिंग करते हुए 35 किलोमीटर दूर मलारना स्टेशन पुलिस चौकी जा पहुंचे। ओलवाड़ा बनास नदी मार्ग से पत्नी भी उनके साथ अलग साइकिल चलाते हुए गई।
मलारनाडूंगर। मॉर्निंग वॉक पर निकले पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी रविवार अलसुबह जिला मुख्यालय से चलकर साइकिलिंग करते हुए 35 किलोमीटर दूर मलारना स्टेशन पुलिस चौकी जा पहुंचे। ओलवाड़ा बनास नदी मार्ग से पत्नी भी उनके साथ अलग साइकिल चलाते हुए गई। दोनों ने हेलमेट लगा रखा था। जैसे ही जिला एसपी साइकिल चलाते हुए पत्नी के साथ पुलिस चौकी पहुंचे तो स्टाफ सकते में आ गया। इधर सूचना मिलते ही थानाधिकारी जितेंद्र सिंह भी पुलिस चौकी पहुंच गए। जहां एसपी ने पुलिसकर्मियों के गुर्जर महापंचायत को लेकर साथ लंबी मन्त्रणा की। उधर एसपी को इस तरह पत्नी के साथ मलारना कस्बे में साइकिल पर घूमना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। लोग तरह-तरह के कयास लगाते रहे।
एसपी ने बताया निजी यात्रा
हालांकि पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने इसे निजी यात्रा बताते हुए मीडिया से कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि बाद में एसपी मलारना स्टेशन पुलिस चौकी पर अपनी साइकिलों को छोड़ कर सरकारी वाहन से मलारना डूंगर के रास्ते जिला मुख्यालय को रवाना हो गए।
सुस्त पुलिसकर्मियों को फिटनेस का संदेश
एसपी का पत्नी के साथ साइकिलों से 35 किलोमीटर का सफर कहीं ना कहीं सुस्त पुलिसकर्मियों को फिटनेस का संदेश भी है। जिला एसपी युवा है। और इतनी लम्बी साइकिलिंग उनके फिट होने की गवाही देती है। ऐसे में जिले के पुलि कर्मियों को भी अपनी फिटनेस बरकरार रखने के लिए वर्कआउट की जरूरत है।
गुर्जर आंदोलन के मायने तो नहीं...
गौरतलब है कि गुर्जर आरक्षण को लेकर इसी क्षेत्र में 17 अक्टूबर को कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला की अगुवाई में गुर्जर महापंचायत प्रस्तावित है। महापंचायत के बाद आंदोलन की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बिना किसी लवाजमे के एसपी के साइकिल पर सवार होकर गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र में पहुंचने के कई मायने निकाले जा रहे हैं।