6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सवाई माधोपुर

बेटियों के गार्गी पुरस्कार पर कुण्डली मारे बैठी सरकार

-मेधावी बेटियों को दो साल से गार्गी का इंतजार

Google source verification

सवाईमाधोपुर. बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन व बढ़ावा देने के लिए भले ही राज्य सरकार की ओर से खूब ढिंढोरे पीटे जा रहे और सरकार से संचालित योजनाओं के दावे किए जा रहे हो मगर जिले में हालात कुछ ओर ही बयां कर रहे है। ऐसे ही एक योजना गार्गी पुरस्कार की है। कहने को तो यह पुरस्कार मेधावी बेटियों को प्रतिवर्ष दिया जाता है लेकिन पिछले दो साल से सरकार इस पुरस्कार पर कुण्डली मारे बैठे है। बेटियों के खाते में यह राशि जमा ही नहीं कराई है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 व 2022-23 से दसवीं कक्षा की होनहार 2446 बालिकाएं इस पुरस्कार के लिए पात्र है। इनमें 981 को पहली व 1465 छात्राओं को दूसरी किस्त मिलना था। इसी प्रकार 12वीं कक्षा की 1710 छात्राओं को प्रोत्साहन राशि का इंतजार है। ऐसे में कुल 4 हजार 156 छात्राओं को अब तक गार्गी व बालिका प्रोत्साहन राशि का इंतजार है।
आवेदन मांगे, पर नहीं मिले पुरस्कार
मेधावी बालिकाओं को बालिका शिक्षा फाउंडेशन जयपुर की ओर से दिए जाने वाले गार्गी पुरस्कार का पिछले दो साल से इंतजार है। पिछले दो साल से गार्गी पुरस्कार के लिए आवेदन तो मांगे लेकिन सरकार की ओर से पुरस्कार वितरित नहीं किए हैं। पुरस्कार के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की कक्षा 10 वीं व 12 वीं में 75 प्रतिशत अंक या इससे अधिक अंक अर्जित करने वाली बालिकाएं इसमें ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। आवेदन की तिथि में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
तीन बार बढ़ाई आवेदन की तिथि
गार्गी पुरस्कार के आवेदन करने के लिए सरकार ने अब तक तीन बार आवेदन की तिथि बढ़ाई है। सबसे पहले इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022 तक थी। इसके बाद तिथि 20 जनवरी हो गई थी। इसके बाद फिर से इसे बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी थी। सरकार की ओर से दिए जाने वाली गार्गी पुरस्कार की राशि अब बालिकाओं को ऑनलाइन खातों में जमा की जाती है। पूर्व में बालिकाओं को स्कूलों में नकद राशि दी जाती थी।
ये छात्राएं नहीं है पात्र
बालिका शिक्षा फाउंडेशन जयपुर के अनुसार गार्गी पुरस्कार की पहली किस्त तथा दूसरी किस्त के लिए 10 वीं में 75 प्रतिशत अंकों के साथ-साथ बालिकाओं को 11 वीं तथा 12 वीं कक्षा में नियमित रूप से अध्ययनरत होना जरूरी है। पढ़ाई बीच में छोड़ देने वाली बालिकाओं को पुरस्कार की राशि नहीं देने का प्रावधान है। गार्गी पुरस्कार के तहत 10 वीं कक्षा की बालिकाओं को 3 हजार व 12 वीं कक्षा की बालिकाओं को 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

इनका कहना है…
उच्च स्तर से ही गार्गी पुरस्कार अटका था। संभवत अब अगले महीने में पुरस्कार का वितरण किया जाएगा। छात्राओं के खाते में जल्द ही राशि जमा होगी।
नाथूलाल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, सवाईमाधोपुर

बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़