सवाईमाधोपुर. जिले के काश्तकारों के लिए खुश खबर है। सरकार ने तारबंदी का लक्ष्य सात गुना तक बढ़ा दिया है। इससे किसानों को लाभ मिलेगा।
काश्तकारों को फसलों के बचाव के लिए तारबंदी के लिए अनुदान दिया जाएगा। गत साल की अपेक्षा इस बार जिले में तारबंदी का लक्ष्य करीब सात गुना बढ़ाया गया है, ताकि अधिक से अधिक काश्तकार लाभांवित हो सकें। योजना का लाभ लेने के लिए काश्तकार ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
इस बार 12 लाख 44 हजार मीटर का लक्ष्य
राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के तहत फसलों को नीलगाय सहित अन्य मवेशियों से बचाने के लिए कांटेदार एवं चैनलिंक तारबंदी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके तहत काश्तकार योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। काश्तकारों को योजना का अधिक से अधिक लाभ मिले। इसको लेकर इस बार करीब 12 लाख 77 हजार मीटर का लक्ष्य दिया गया है। गत साल सवाईमाधोपुर जिले में केवल दो लाख मीटर का ही लक्ष्य दिया गया था। इस बार इस लक्ष्य को सात गुना तक बढ़ाया गया है। इससे काश्तकारों को अधिक लाभ मिल सकेगा। इसका लाभ सभी श्रेणी के काश्तकारों को दिया जाएगा।
इतनी भूमि है जरूरी
व्यक्तिगत आवेदन में न्यूनतम 1.5 हैक्टेयर भूमि व अजजा क्षेत्रों में जोत का आकार कम होने के कारण 0.5 हैक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर होना आवश्यक है। समूह में न्यूनतम 2 कृषक व न्यूनतम 1.5 हैक्टेयर जमीन होना आवश्यक है, जबकि सामुदायिक स्तर पर तारबंदी में दस या अधिक कृषकों के समूह में न्यूनतम 5 हैक्टेयर भूमि व समूह की भूमि की सीमाएं निर्धारित पेराफेरी में होना जरूरी है। व्यक्तिगत समूह में प्रति कृषक चार सौ रनिंग मीटर की सीमा तक अनुदान देय है।
ये है अनुदान सीमा
व्यक्गित किसान को चार सौ रनिंग मीटर तक इकाई लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम चालीस हजार रुपए जो भी कम हो प्रति कृषक अनुदान देय होगा। लघु या सीमांत कृषक होने पर चार सौ रनिंग मीटर तक 60 प्रतिशत या अधिकतम 48 हजार रुपए जो भी कम हो देय होगा। साथ ही राज्य योजना के तहत लघु व सीमांत किसानों के अतिरिक्त 10 प्रतिशत या अधिकतम 8 हजार रुपए जो कम हो देय होगा।
इनका कहना है…
तारबंदी योजना में किसान पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर राजस्थान किसान सुविधा एप पर नि:शुल्क एवं ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर अनुदान प्राप्त कर सकते है। सामान्यतया श्रेणीवार पहले आगे, पहले पाओ के आधार पर ही आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा।
रामराज मीणा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग सवाईमाधोपुर