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चुनाव के बाद सुस्ती का आलम, सरकारी कार्यालयोंं में छाया सूनापन

विधानसभा चुनाव के बाद जहां सरकारी कार्यालयों में सूनापन छाया हुआ है, वहीं सरकारी कार्मिक भी सुस्ती के आलम में हैं। कई कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं तो कई कार्यालय में बैठकर मतगणना तथा नई सरकार क गठन को लेकर चर्चा में मशगूल हंै।

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चुनाव के बाद सुस्ती का आलम, सरकारी कार्यालयोंं में छाया सूनापन

चुनाव के बाद सुस्ती का आलम, सरकारी कार्यालयोंं में छाया सूनापन

फरियादी भी कम संख्या में पहुंच रहे

गंगापुरसिटी. विधानसभा चुनाव के बाद जहां सरकारी कार्यालयों में सूनापन छाया हुआ है, वहीं सरकारी कार्मिक भी सुस्ती के आलम में हैं। कई कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं तो कई कार्यालय में बैठकर मतगणना तथा नई सरकार क गठन को लेकर चर्चा में मशगूल हंै। वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों की व्यवस्थाओं को देखते हुए फरियादी भी अभी कम ही संख्या में पहुंच रहे हैं। जो पहुंच रहे है, उनका काम भी समय पर नहीं हो पा रहा है। इनमें ज्यादातर कार्यालय आमजनता से सीधे जुड़े हुए हंैं।
नगरपरिषद कार्यालय की बात करें तो चुनाव के दौरान जहां कार्मिकों की ड्यूटी चुनावी कार्य में लगी थी, तो अब हटने के बाद भी कम ही संख्या में पहुंच रहे हैं। अस्थायी अधिकारी होने के कारण कर्मचारी भी कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हाजरी रजिस्टर मेंं दस्तखत करने के बाद इधर-उधर घूमते दिख जाएंगे। यही हाल अन्य आमजन से जुड़े कार्यालयों का हंै।

कोई तबादले तो कोई अवकाश के प्रयास में जुटा

आचार संहिता हटने के बाद कई कर्मचारी व अधिकारी अवकाश के लिए प्रयास कर रहे हंैं तो कई बड़े अधिकारी तबादले की जुगत में लगे हैं। सरकार गठन के साथ ही नवीन इच्छित पदस्थापन के लिए प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि सरकार बदलने के साथ ही बड़े अधिकारियों का तबादला होना तय माना जा रहा है।

साल का अंतिम माह, बच रही छुट्टियां

साल का अंतिम माह होने के कारण कई कार्मिकों व अधिकारियों के सीएल-पीएल बच रही है। इनका उपभोग करने के लिए भी कई कर्मचारी लम्बे अवकाश पर जा सकते हैं। इसके चलते आगामी दिनों मेंं भी सरकारी कार्यालयों में कम ही कार्मिक मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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