सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना में इन दिनों बाघिनों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया लगातार जारी है। विभाग की ओर से हाल ही में रणथम्भौर से बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व व कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एक-एक बाघिन को सफलता पूर्वक शिफ्ट किया गया है। अब वन विभाग की नजर सरिस्का में बाघिन भेजने पर टिकी हुई है। वन अधिकारियों ने बताया कि सरिस्का में बाघिन को शिफ्ट करने के लिए विभाग की ओर से बाघिनों की मॉनिटरिंग व टे्रकिंग को शुरू कर दिया गया है। ऐसे में जल्द ही एक दो दिनों में रणथम्भौर से सरिस्का बाघिन शिफ्ट करने की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि एनटीसीए की ओर से पूर्व में ही रणथम्भौर से तीन बाघिनों को शिफ्ट करने की अनुमति दी जा चुकी है।
खण्डार रेंज से की जाएगी शिफ्टिंग
वन अधिकारियों ने बताया कि सरिस्का में रणथम्भौर की नॉन ट्यूरिज्म रेंज खण्डार से एक बाघिन शिफ्ट की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से करीब तीन साल की युवा बाघिन टी-133 को चिह्नित भी किया जा चुका है। पूर्व में भी रामगढ़ शिफ्टिंग के समय भी विभाग की ओर से इस बाघिन को टे्रकुंलाइज करने के प्रयास किए गए थे लेकिन विभाग को सफलता नहीं मिल सकी थी।
पूर्व में भी खण्डार रेंज से ही किया गया था शिफ्ट
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथम्भौर से आखिरी बार 9 मार्च 2023 को बाघिन टी-134 को सरिस्का भेजा गया था। उस समय भी विभाग की ओर से रणथम्भौर की खण्डार रेंज से ही बाघिन को टे्रकुंलाइज करके बाघिन को सरिस्का भेजा गया था। अब एक बार फिर सरिस्का बाघिन भेजने के लिए वन विभाग की नजरे खण्डार रेंज पर टिकी हुई हैं।
इनका कहना है….
रणथम्भौर से फिलहाल एक बाघिन को सरिस्का और शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही खण्डार रेंज से एक बाघिन को सरिस्का शिफ्ट किया जाएगा।