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अब इंसान के दिमाग को पढ़ लेगा कंप्यूटर, कुछ सोचते ही स्क्रीन पर दिखने लगेगा सबकुछ…

कंप्यूटर के क्षेत्र में की वैज्ञानिकों की अनोखी खोज यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया को शोध में मिली पहली सफलता नियोकॉर्टेक्स दिमाग का होगा सबसे छोटा हिस्सा
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Navyavesh Navrahi

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Updated: 15 Apr 2019, 1:50 PM IST

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अब इंसान के दिमाग को पढ़ लेगा कंप्यूटर, कुछ सोचते ही स्क्रीन पर दिखने लगेगा सबकुछ...

नई दिल्ली। आए दिन विज्ञान (science ) के क्षेत्र में नई से नई तकनीकों पर अविष्कार (inovation ) किए जा रहे हैं। भविष्य (future ) को हाईटेक (hightec ) बनाने के लिए वैज्ञानिक (scientist ) जी तोड़ काम कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी (univercity ) ऑफ कैलिफोर्निया (kaliforniya ) में प्रोफेसर ने कंप्यूटर (computer ) को दिमाग से जोड़ने का अनोखी खोज में पहला कदम पार किया है।

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जिसके चलते जो भी इंसान सोचेगा उसके सोचने भर से कंप्यूटर की स्क्रीन पर सूचना आ जाएगी। ये कोई रॉकेट साइंस नहीं बल्कि वैज्ञानिक रे कुर्जेवइल का दावा है। इस प्रयोग को एक दशक के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। जिससे कंप्यूटर दिमाग को पढ़ने में पूरी तरह से तैयार हो जाए।

छोटा सबसे स्मार्ट हिस्सा होगा
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में प्रोफेसर कुर्जेइल ने जर्नल फ्रंटियर्स इन न्यूरोसाइंस में प्रकाशित शोधपत्र में लिखा न्यूरल नैनोरोबोट्स के जरिये इंसान के दिमाग को‘नियोकॉर्टेक्स’ क्लाउड कंप्यूटिंग के बहुत छोटे नियोकॉर्टेक्स से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि नियोकॉर्टेक्स दिमाग का सबसे छोटा पर सबसे स्मार्ट हिस्सा होता है।

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गौरतलब है कि शोधकर्ता रॉबर्ट फ्रेटियस ने एक शोध के दौरान कहा, न्यूरल नैनोरोबोट सीधे और वास्तविक समय में दिमाग में आने वाले विचारों की निगरानी करेगा और कोशिका से आने वाले संदेशों को नियंत्रित करेगा। उन्होंने कहा यह उपकरण इंसान की धमनियों में चलेगा और खून और दिमाग के अवरोधों को पार करने के लिए खुद ही स्थान बदल लेगा। यह रोबोट बिना तार के कूटबद्ध (इनकोडेड) संदेश क्लाउड आधारित कंप्यूटर नेटवर्क को देगा ताकि आदमी के सोचने के साथ ही वास्तविक समय में सूचना प्राप्त हो जाए। इससे लोगों की पढ़ने और बुद्धिमता क्षमता में भी वृद्धि होगी।

न्यूरल रोबोट पढ़ेगा असंख्य लोगों के विचार
मार्टिन ने कहा कि प्रायोगिक तौर पर मानव ‘ब्रेननेट’ प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। उन्होंने कहा, प्रयोग के दारैान खोपड़ी से इलेक्ट्रिक सिगनल और प्राप्तकर्ता की खोपड़ी से चुंबकीय उत्तेजन को रिकॉर्ड कर संदेश का आदान प्रदान किया गया। मार्टिन ने कहा कि अब न्यूरल रोबोट को विकसित किया जा रहा है जो एक साथ असंख्य लोगों के दिमाग में पैदा होने वाले विचारों को पढ़ सके।

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