2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गूगल, ट्विटर ने विज्ञापनदाताओं को नस्लभेदियों तक पहुंचाया : रिपोर्ट

गूगल और ट्विटर द्वारा विज्ञापनदाताओं की अपने प्लेटफार्म पर मौजूद नस्लभेदियों तक पहुंच मुहैया कराने की जानकारी सामने आई है।

2 min read
Google source verification

image

Jameel Ahmed Khan

Sep 17, 2017

Racism

Racism

सैन फ्रांसिसको। फेसबुक द्वारा विज्ञापनदाताओं को अपने प्लेटफार्म पर 'यहूदियों के शत्रुओं' तक पहुंच मुहैया कराने एक मामले के खुलासेने इसके बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं की अंतरात्मा को हिलाकर रख दिया है। लेकिन अब गूगल और ट्विटर द्वारा विज्ञापनदाताओं की अपने प्लेटफार्म पर मौजूद नस्लभेदियों तक पहुंच मुहैया कराने की जानकारी सामने आई है।


एक रिपोर्ट में शुक्रवार को बताया गया कि दुनिया की सबसे बड़ी विज्ञापन प्लेटफार्म गूगल अपने विज्ञापनदाताओं को उन लोगों तक लक्षित विज्ञापन पहुंचाने में मदद करती है, जो गूगल के सर्च बार में नस्लवादी या धर्मांध बातें सर्च करते रहते हैं।

यही नहीं, इसके अलावा गूगल पर अगर आप कोई नस्लवादी या धर्मांध बात सर्च करते हैं तो वो आपको और भी ज्यादा नस्लवादी और धर्मांध बातें सर्च करने का सुझाव भी देता है।

रिपोर्ट में कहा गया, अगर आप यह टाइप करें कि 'क्यों यहूदी सबकुछ नष्ट कर के रख देते हैं', तो गूगल आपको सर्च के नीचे ऐसे विज्ञापन दिखाएगा जिसमें 'बुरे यहूदी' और 'बैंकों पर यहूदियों का नियंत्रण' जैसे खोज करने की बात कही गई होती है।

इसके तुरंत बाद एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि ट्विटर भी विज्ञापनदाताओं को घृषित शब्दों और वाक्यांशों में दिलचस्पी रखने वाले यूजर्स तक लक्षित विज्ञापन पहुंचाने में मदद करती है। इन रिपोर्टों के बाद प्रोपब्लिका की जांच से इस हफ्ते यह खुलासा हुआ है कि फेसबुक अपने विज्ञापनदाताओं को उन लोगों के न्यूज फीड तक विज्ञापन पहुंचाने में सक्षम बनाती है, ज्िान्होंने 'यहूदी शत्रु', 'यहूदियों को कैसे जलाएं' या यहूदियों ने 'दुनिया को क्यों बरबाद किया' का इतिहास जैसे विषय सर्च किए थे।

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीटर ने कहा कि वह सक्रिय रूप से अपने प्लेटफार्म पर किसी आपत्तिजनक विज्ञापन को प्रदर्शित होने से रोकता है। द वर्ज को दिए एक बयान में ट्विटर ने कहा, हम यह समझने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसा क्यों हुआ और इसे फिर से होने से कैसे रोकें।

गूगल ने मैप्स में वीडियो रिव्यूज जोड़ा
गूगल अपने 'लोकल गाइड्स' प्रोग्राम के तहत वीडियो रिव्यूज की परीक्षण कर रही है, जो यूजर्स को (जो इस परीक्षण कार्यक्रम में शामिल हैं) वीडियो पोस्ट करने की अनुमति देती है। इसके तहत मैप्स एप से 10 सेकेंड का कैमरा एप से 30 सेकेंड का वीडियो क्लिप डाउनलोड किया जा सकता है। टेकक्रंच की गुरुवार देर रात को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक मैप्स पर वीडियो रिव्यूज अपलोड करने के लिए यूजर्स को मैप्स पर किसी स्थान को सेलेक्ट करना होगा उसके बाद नीचे आकर 'एड अ फोटो' पर क्लिक करना होगा, फिर कैमरा आइकन पर िक्लक कर वीडियो रिकार्ड किया जा सकता है।

यह फीचर फिलहाल एंड्रायड डिवाइस के लिए ही है। कंपनी ने 'लोकल गाइड्स' फीचर को दो हफ्ते पहले ही शुरू किया था। गूगल इस फीचर के बारे में चुनिंदा यूजर्स को ईमेल से जानकारी दे रही है और जल्दी ही इसके लांच करने की संभावना है। इससे पहले यूजर्स मैप्स के साथ केवल फोटो जोड़ सकते थे और वीडियो डालने का कोई विकल्प नहीं था।