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Scientists का दावा- अंधेरे में इंसानी शरीर से निकलती है रोशनी ! जानें कैसे देख सकते हैं इसे?

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हर इंसानी शरीर से एक खास किस्म की रोशनी (Humans glow in the dark) निकलती है जो अंधेरे एक Ultra-sensitive Camera की मदद से देखी जा सकती है। जापान के वैज्ञानिकों (Japanese scientists) ने बताया कि ये दिखाई दे सकने वाली रोशनी से 1000 गुना कम होती है  

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Vivhav Shukla

Jun 02, 2020

Humans glow in the dark

Humans glow in the dark

नई दिल्ली। रामयाण, महाभरत में दिखाया जाता है कि देवी-देवताओं के सिर और पूरे शरीर के आसपास एक रोशनी निकलती दिखाई देती है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हर इंसानी शरीर से एक खास किस्म की रोशनी (Humans glow in the dark) निकलती है जो अंधेरे एक कैमरे की मदद से देखी जा सकती है। ऑनलाइन साइंस जर्नल PLoS ONE में छपी रिर्सच के मुताबिक जापान के वैज्ञानिकों (Japanese scientists) ने बताया कि ये दिखाई दे सकने वाली रोशनी से 1000 गुना कम होती है और इसे अल्ट्रा-सेंसिटिव कैमरे (ultra-sensitive camera )की मदद से देखा जा सकता है।

क्या है रोशनी की वजह?

दरअसल, हमारे शरीर की कोशिकाओं (Cell) की क्रिया से ऊर्जा निकलती है जो लाइफ के फॉर्म में दिखती है। इसी उर्जा से रोशनी निकलती है। ये रोशनी विजिबल नहीं होती, बल्कि इंफ्रारेड रेडिएशन (infrared radiation) की तरह होती है। इसे देखने के लिए जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी (kyoto university japan) के वैज्ञानिकों ने खास तरह के कैमरा बनाया है।

शोध में पता चला है कि शाम के 4 बजते तक रोशनी सबसे तेज हो जाती है, जबकि सुबह 10 बजे शरीर की चमक सबसे कम होती है। बताया जा रहा है कि हमारे बॉडी क्लॉक की वजह से रोशनी तेज और धीमी होती है। जैसे-जैसे शरीर का मेटाबॉलिक सिस्टम काम करना तेज करता है, ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता था और रोशनी तेज होती जाती है।

चेहरे पे होती है सबसे ज्यादा चमक

शोध में पता चला है कि इरे शरीर में चेहरा सबसे ज्यादा ग्लो करता है जबकि बाकी हिस्सों से कम रोशनी निकलती है। शोध में शामिल क्योटो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक हितोशी आकामुरा के मुताबिक शरीर से निकलने वाली हल्की रोशनी हमारे मेटाबॉलिज्म (चयापचय) की प्रक्रिया पर निर्भर करती है। जैसे कि अगर हमारा पाचन तंत्र कमजोर है तो कम ऊर्जा पैदा होगी, जिससे रोशनी भी कम होगी।


कई बीमारीयों का इलाज संभव

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस रोशनी के मदद से भविष्य कई लाइलाज बीमारीयों का इलाज आसानी से किया जा सकता है। बायोमेडिकल फोटॉनिक्स विशेषज्ञ मसाकी कोबायशी हैं वे भी मानते हैं कि शरीर का ग्लो करना मेडिकल साइंस में काफी मददगार हो सकता है। उन्होंने बताया कि रोशनी की मदद से पूरे शरीर की कंडीशन का पता भी लगाया जा सकेगा जिससे इलाज में आसानी होगी।

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