मीट के लिए अब जानवरों को मारना नहीं है ज़रूरी, प्रयोगशाला में तैयार किया जाएगा मांस, जानें कैसे

  • आईआईटी गुवाहाटी ने प्रयोगशाला में तैयार किया मीट
  • इस खोज के बाद जानवरों के साथ हो रही क्रूरता पर लगेगी लगाम

By: Priya Singh

Published: 26 Aug 2019, 02:19 PM IST

नई दिल्ली। क्या आपको पता है मांस के लिए हर साल अरबों जानवरों को मार दिया जाता है। अगर मीट के लिए इसी तरह जानवरों की हत्या की जाती रही तो साल 2050 तक हम मांस की ज़रुरत को पूरा नहीं कर पाएंगे। आयने वाले वर्षों में होने वाली इस दिक्कत को लेकर आईआईटी गुवाहाटी के कुछ शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में मांस तैयार किया है।

जुगाड़ तकनीक: किसान ने किया स्कूटर के इंजन का खेत जुताई में इस्तेमाल

lab_grown_meat.jpeg

लैब में तैयार किया गया ये मांस पोषक होने के साथ-साथ जानवरों के साथ हो रही क्रूरता पर भी रोक लगाएगा। बायोमैटेरियल्स एंड टिश्यू इंजीनियरिंग लैबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने मीट के अलग तरीके से उत्पाद की नई तकनीक विकसित की है।

अगर आपका बच्चा किसी भी संक्रमण से नहीं है ग्रसित तो उसे हो सकता है कैंसर, पढ़े ये शोध

iit_guwahati.jpg

उनका ऐसा करने के पीछे का मकसद पर्यावरण, पशुओं को बचाना है। बता दें कि इस तकनीक को विकसित करने के बाद इसे पेटेंट भी करा लिया गया है। इसे बनाने वाले अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि मीट बनाने का ये तरीका पूरी तरह से प्राकृतिक है। आईआईटी गुवाहाटी के डॉ. बिमान बी. मंडल का कहना है कि- 'इस मीट का स्वाद कच्चे मांस जैसा रहेगा लेकिन इसे खाने वाले को ज़रूरी पोषक तत्व भी मिलते रहेंगे।' बी. मंडल के मुताबिक, इसे बनाने में पशु सेरम, एंटीबायोटिक्स कर हार्मोन्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है।'

रिसर्च में हुआ खुलासा! कई शादियां करने वाली महिलाएं रहती हैं हमेशा खुश

Priya Singh Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned