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नई दिल्ली। पश्चिमी सभ्यता में शादी में करने को बोझ नहीं माना जाता है। विदेशों में अक्सर ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं जहां पति-पत्नी मनमुटाव होने के बाद एक दो बार अपनी शादी को मौका देते हैं और तब भी रिश्ते ठीक नहीं होते तो वे ऐसे रिश्ते से निकलना पसंद करते हैं। लेकिन उनकी ये सोच को दूसरी सभ्यता के लोग सही नहीं ठहराते। पश्चिमी सभ्यता के इस व्यव्हार को लेकर हाल ही में एक शोध किया गया है। इस शोध में खुलासा हुआ है कि अगर महिलाएं कई शादियां करती हैं तो उनकी ज़िंदगी में दुख कम होते हैं। महिलाएं अगर ऐसा फैसला करती हैं तो
रिसर्च के मुताबिक, ऐसा करने से महिलाएं को आर्थिक सहायता के साथ दुख-दर्द बांटने वाला भी कोई मिल जाता है जिससे उनकी उम्र भी लंबी होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के डेविस के मुताबिक, 'महिलाओं की प्रजनन क्षमता पुरुषों से ज़्यादा होती है ऐसे में शादियों के सफल न होने पर दूसरी शादियां करना अंदर से खुशी देता है।'
रिसर्चर बोरगेरहॉफ़ मूल्डर ने सबसे पहले जन्म, मृत्यु, शादियों और तलाक के आंकड़े निकाले और अध्ययन किया। इस अध्ययन में करीब 20 साल का समय लगा है। इस शोध को पश्चिमी तंजानिया के घरों में किया गया। इस अध्ययन का परिणाम चौंका देने वाले था।
Published on:
24 Aug 2019, 1:28 PM IST
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