
Sehore. Local Collectorate Office Sehore.
सीहोर. अन्नदाता को मदद मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से जिले के 84 हजार किसान वंचित हंै। कई किसानों ने दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया को पूरा कर दिया फिर भी खाते में राशि नहीं आई है। ऐसे में अब वह दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके बावजूद भी उनको परेशानी और मायूसी के सिवाय कुछ नहीं मिल रहा है, जबकि कुछ के दस्तावेज जमा नहीं कराने तो पेंशन, आयकर की श्रेणी में आने से अपात्र की श्रेणी में आ गए हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना को धरातल पर मूर्त रूप लेने में भले ही एक साल होने को है, लेकिन जिले में इसकी स्थिति ठीक नहीं है। अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि 2 लाख 58 हजार खाताधारक किसानों में से अभी की स्थिति में 1 लाख 74 हजार 148 ही पात्रता के दायरे में आए हैं। इसके अतिरिक्त कई किसानों ने दस्तावेज के साथ अन्य प्रक्रिया को पूरी कर दी है, फिर भी उनके खाते में राशि नहीं आई है।
किसानों का आरोप है कि पटवारियों ने उनके काम को ठीक तरह से नहीं किया, जिससे वह योजना के लाभ से वंचित है। बता दे कि शासन ने इस योजना को एक दिसंबर 2018 से लागू किया था। इसमें पहले दो हेक्टेयर तक के किसानों को शामिल किया था। फरवरी 2019 में इस पाबंदी को हटाकर आयकरदाता और पेंशनधारी को छोड़ सभी को दायरे में लिया था। योजना में किसानों को तीन किश्त में 6 हजार रुपए मिलने हैं। इसमें चार महीने में एक किश्त दो हजार रुपए की मिलेगी। यह राशि खाते में आएगी।
दो तरह से होती है जानकारी अपलोड
योजना में खाताधारक किसानों की दो बार पोर्टल पर जानकारी अपलोड होती है। इसमें पहले खाताधारक किसानों की पूरी जानकारी डाली जाती है। इसके बाद उस खाते में परिवार के कितने लोगों के नाम हैं। उसकी जानकारी निकालकर फिर उसे दोबारा अपलोड किया जाता है। उदाहरण के तौर पर इस तरह भी समझा जा सकता है कि यदि एक खाते में चार लोगों के नाम हैं तो उन सबकी जानकारी अपलोड होने के बाद संख्या चार मानी जाएगी।
ऐसे मिलता है योजना का लाभ
खाताधारक किसान को उद्घोषणा फार्म दिया जाता है। जिसमें उससे आयकरदाता, पेंशनधारक तो नहीं हंै सहित अन्य जानकारी भरवाई जाती है। यह पूरी होने के बाद पटवारी फार्म लेक र जानकारी को साफ्टवेयर पर अपलोड करते हैं। सॉफ्टवेयर में किसान का आधार कार्ड नंबर, बैंक एकाउंट नंबर, बैंक आइएफसी कोड, समग्र आइडी नंबर दर्ज किए जाते हैं।
वंचित किसान यह करें
पात्र किसानों ने अब तक फार्म जमा नहीं किया है तो वह हल्का पटवारी के पास जाकर जमा कर सकते हैं। वंचित किसान दोबारा से पटवारी के पास जाकर समझ सकते हैं कि आखिर किस वजह से राशि नहीं मिल रही है। इसमें दस्तावेज या फिर अन्य कमी है तो उसे पूरा कर सकते हैं। इसके बावजूद भी समस्या दूर नहीं हुई तो उच्च स्तर पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
तहसील खाताधारक अपलोड खाता अपलोड फैमली खाता अपलोड पात्र परिवार
सीहोर 44,332 33,767 33,849 28,107
आष्टा 49,646 38,887 56,382 35,391
इछावर 30041 22,953 34,675 26,141
बुदनी 19,498 15,821 16,963 10023
नस. 34,725 26,512 26,941 21,997
रेहटी 20,617 15,821 17,326 13,340
श्यामपुर 37,368 28,706 28,784 24,539
जावर 22,047 17,420 19,193 14,610
कुल 2,58,274 1,99,897 2,34113 1,17148
क्या बोले किसान -
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए पटवारी को दो बार दस्तावेज दिए हैं। उसके बावजूद योजना का आज तक लाभ नहीं मिल पाया है। तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
रामबाबू त्यागी, किसान बारवाखेड़ी
छह महीने पहले योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ ही सभी प्रक्रिया पूरी की थी। उसके बावजूद अब तक कुछ नहीं हो पाया है। समझ नहीं आता है कि योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।
अखिलेश वर्मा, किसान उलझावन
अवगत करा रहे हैं
दो लाख 58 हजार किसानों में से 1 लाख 99 हजार किसानों ने दस्तावेज देकर खाते को अपलोड कराया है। शेष किसान में से कई ने दस्तावेज नहीं दिए हैं। कई पेंशनधारी, आयकरदाता है। इस वजह से आगे नहीं आ रहे हैं। जिन किसानों ने कमियों को पूरा नहीं किया उनको अवगत कराया जा रहा है।
गोविंदसिंह यादव, अधीक्षक भू अभिलेख सीहोर
Published on:
22 Nov 2019 02:33 pm

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