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बाल विवाह रुकवाया, तहसीलदार उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का खर्च

एक नाबालिग का विवाह ऐन मौके पर रोक दिया गया, तहसीलदार ने कहा कि उसके आगे की पढ़ाई का पूरा खर्चा में स्वयं उठाउंगा।

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Shribabu Gupta

Mar 13, 2015

Child marriage

Child marriage

सीहोर। जिले के रेहटी में प्रशासन की सक्रियता से एक नाबालिग का विवाह ऐन वक्त पर रोक दिया गया। बाल विवाह की बात सामने और पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप को देखते हुए बारात आधे रास्ते से ही लौट गई।



जानकारी के अनुसार, मांजरकुई निवासी मंगल ङ्क्षसह लौवंशी की नाबालिग बेटी (१७) का विवाह रायसेन जिले के पठारियां गांव के युवक के साथ तय हुआ था। गुरुवार को बारात रवाना हो गई थी। इधर, बाल विवाह की सूचना मिलने पर तहसीलदार आशुतोष शर्मा, पुलिस और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी लड़की के घर पहुंचे और विवाह रुकवाया।



तहसीलदार आशुतोष शर्मा बच्ची के पिता मंगल सिंह को उसे आगे पढ़ाने की समझाइश दे रहे थे, तो उन्होंने कहा कि परिवार बड़ा है। बमुश्किल घर का गुजर-बसर हो पाता है। ऐसे में बच्ची को कैसे पढ़ाऊं। इस पर तहसीलदार ने कहा कि उसके आगे की पढ़ाई का पूरा खर्चा वे स्वयं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वे कहीं भी रहे, बिटियां के पढ़ाई का खर्चा उस तक पहुंचता रहेगा।

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