
मौसम ने बिगाड़ी दलहन-तिलहन की सेहत, किसानों को आर्थिक क्षति ...
छावर. शीत लहर के कारण फसलों पर पड़े पाले के बाद अब रबी फसल पर नया संकट पैदा हो गया। मौसम में बार-बार हो रहे परिवर्तन के चलते फसलों में अब इल्ली का प्रकोप दिखाई देने लगा है। जिसके चलते किसान खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।
क्षेत्र में बोवनी का रकबा पूर्ण होने के बाद जिन लोगों द्वारा पहले बोवनी कर दी गई थी। उनकी चने की फसल अब कुछ दिन में आने को है। ठंड के कारण फसल पर इल्ली का प्रकोप नहीं था, लेकिन मौसम के बदलाव के साथ अब इल्ली का प्रकोप बढऩे लगा है। इसकी रोकथाम के लिए उनके द्वारा अब स्प्रे किया जा रहा है, ताकि फसल को इसके नुकसान से बचाया जा सके।
इस संबंध में किसान रामनारायण वर्मा, रामगोपाल मीणा का कहना है कि पहले तो ठंड के कारण चने जलने का डर सता रहा था, लेकिन अब कुछ दिनों से मौसम में हो रहे बार-बार परिवर्तन से इल्ली का प्रकोप देखा जा रहा है। वही मौसम ठंडा और गर्म होने से रबी सीजन की फसल को खतरा बढ़ गया है।
स्थिति यह है कि चने की फसल पर इल्ली का प्रकोप देखा जाने लगा है। चना में शाखा फूटने पर हैं। क्षेत्र में इस बार हजारों हेक्टेयर भूमि में चने की फसल की बोवनी हुई है, लेकिन फसल पर इल्लियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि चने में इल्लियों का प्रकोप ब्लॉक के ग्राम ढाबलामाता, मुवाड़ा, गाजीखेड़ी, लसूडिय़ा गोयल, रामनगर, मोलगा, पालखेड़ी, खेजड़ा, आदि क्षेत्र में तेजी से बढ़ता जा रहा है।
किसान रामनारायण, रामगोपाल मीणा, भोजराज पडिय़ार, सुनील पडियार, सुरेश वर्मा, विनोदसिंह राजपूत, परमानंद मीणा, संतोष परमार, रामराज परमार आदि किसानों ने बताया कि इल्लियों को दूर करने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर दिया था, लेकिन उनकी यह परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। इस कारण से चने पैदावार कम हो सकती है।
किसान ऐसे करें नियंत्रण
कृषि विस्तार अधिकारी पीके चतुर्वेदी ने चने में इल्ली लगने पर किसानों को सलाह दी कि वह क्यूनॉलफास 25 ईसी 1000 से 1250 मिली प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें। क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी 1250 से 1500 मिली प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
ट्रायजोफास 40 ईसी 1000 मिली प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कीटनाशक दवाओं का उपयोग सुझाई गई मात्रानुसार ही करें। पुरानी एवं मियाद समाप्ति वाली दवा का उपयोग न करें। वहीं जैविक नियंत्रण के लिए किसानों को नीम तेल 75 मिली लीटर प्रति पंप के साथ 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।
Updated on:
14 Feb 2020, 12:56 PM IST
Published on:
14 Feb 2020, 12:56 PM IST
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